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रिपोर्ट में खुलासा, सेहतमंद दिखने वाले बच्चे जरूरी नहीं कि स्वस्थ हों, ये हो सकती कमियां

Sun, 26 Nov 2017 09:53 AM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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नेशनल न्यूटि्रशन मॉनिटरिंग ब्यूरो ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे शारीरिक तौर पर तो सेहतमंद दिखते हैं, लेकिन उनमें विटामिन ए, विटामिन बी2, बी6, फोलेट व विटामिन-सी की कमी पाई गई है। जबकि आयोडीन व जिंक की कमी तो बच्चों में आम है। इसके अलावा दो-तिहाई बच्चों में आयरन की कमी के क्लिनिकल सबूत मिले हैं। 
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मैक्स मल्टी-स्पेशियालिटी के न्यूट्रिशनिस्ट मंजरी चंद्रा कहती हैं कि अक्सर हम मानते हैं कि बच्चों में कुपोषण की कमी का कारण खाना न मिलना है, लेकिन अमीर घरों के एक-चौथाई बच्चे भी कुपोषण के शिकार पाए गए हैं, क्योंकि कुछ पेरेंट्स शिशु आहार में आयरन व जिंक जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट पर ध्यान नहीं देते। इससे बच्चों के मानसिक विकास पर असर पड़ता है।
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कई अध्ययनों से यह सामने भी आया है कि समय पर पोषक तत्व न मिलने से शिशुओं व छोटे बच्चों के दिमाग के विकास पर प्रभाव पड़ता है। WHO ने भी आयरन, जिंक जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के महत्व पर जोर देते हुए कॉम्प्लिमेंटरी आहार के माध्यम से फोर्टीफाइड आहार (आयरन, जिंक, फोलिक एसिड, विटामिन्स शामिल हैं) को रूटीन में इस्तेमाल करने के दिशा-निर्देश दिए हैं। अगर बच्चे को रोजाना दिन में दो सर्विंग फोर्टीफाइड आहार दिया जाए, तो माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। 
 
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