सिर के बल किए जाना वाला आसन शीर्षासन कहलाता है। शीर्षासन कई सारी समस्याओं का एक इलाज है। मानसिक समस्याओं में तो यह बहुत ही प्रभावशाली है। युवावस्था में शीर्षासन जरूर करना चाहिए। इसके अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, साथ ही शरीर का पॉश्चर भी अच्छा रहता है। दिल व सांस संबंंधी समस्याओं का समाधान भी शीर्षासन से होता है। आइए जानते हैं शीर्षासन से जुड़ी अन्य लाभदायक जानकारी।
शीर्षासन करने का तरीका-
शीर्षासन के लाभ-
शीर्षासन करते वक्त न करें ये गलतियां-
कोहनी बहुत चौड़ी रखना
कंधों के पीछे कूल्हों को लाना
सिर का गलत स्थान
हाथ और पैरों में समान्य गैप न रखना
श्वास का बहुत तेज होना
स्पाइनल पर अधिक भार देना
सावधानी-
महिलाएं रजोधर्म की अवधि में शीर्षासन न करेंं। यदि उच्च रक्तचाप की समस्या है, बार-बार चक्कर आते हैं तब भी इसे करने से बचें। गर्दन और रीढ़ संबंधी समस्याओं में बिना किसी योग प्रशिक्षक की मौजूदगी में इसका अभ्यास करने से बचें।