विश्व पर्यावरण दिवस 2021: पर्यावरण के लिए भी यह हानिकारक है
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धूमपान
धूमपान करना पर्यावरण और आपके स्वास्थ्य, दोनों के लिए हानिकारक है। धूमपान करने से आपकी आयु तो कम होती है पर्यावरण के लिए भी यह हानिकारक है इसलिए जल्द से जल्द इस आदत को छोड़ दें और पर्यावरण का संरक्षण करने वाली आदतों को जीवन में शामिल करें।
पेड़ की कटाई
यदि आप भी घर में किसी निर्माण के लिए पेड़ की कटाई की अनुमति देते हैं तो आप पर्यावरण को दूषित करने में अपना योगदान दे रहे हैं। आप चाहें तो पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने विचार को भी बदल सकते हैं और निर्माण के लिए पेड़ कटने से रोक सकते हैं।
वाहन की प्रदूषण की जांच कराना
वाहन का जब उपयोग करना होता है तो आप बिना सोचे-समझे कर लेते हैं लेकिन प्रदूषण की जांच कराना आप भूल जाते हैं तो ऐसा करके आप पर्यावरण के दुश्मन बन रहे हैं। बहुत जरूरी है कि आप ध्यान रखें कि आपके वाहन से पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंच रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं
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बेवजह हॉर्न का प्रयोग
कई लोगों की आदत होती है कि वे बेवजह जोर- जोर से हॉर्न बजाते हैं। सिग्नल लाल होने पर भी हॉर्न का प्रयोग करते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। ऐसा करके आप पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं इसलिए हॉर्न का उपयोग तभी करें जब आवश्यक हो। तेज हॉर्न के प्रयोग से इंसानों के साथ जानवरों को भी समस्याएं हो सकती हैं।
कागज का बेवजह उपयोग
कई लोगों की आदत होती है कि वे कागज पर थोड़ा बहुत लिखते हैं और फिर उसे फाड़कर फेंक देते हैं और नए सिरे से नए कागज का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करके वे कितने ही कागजों को कचरे में डाल देते हैं। वे भूल जाते हैं कि पेड़ को काटकर कागज बनाया जाता है। पर्यावरण के लिए यह व्यवहार बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
आरओ का उपयोग
यदि आप भी घर में आरओ का उपयोग करते हैं तो सोचना जरूरी है क्योंकि आरओ पानी में से खनिजों को तो अलग कर ही देता है। साथ ही वो एक-तिहाई पानी को बर्बाद भी कर देता है। पानी को साफ ही करना है तो फिटकरी या अन्य तकनीकोंं का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन ये नई तकनीकें पर्यावरण के विरुद्ध हैं।
शॉवर का प्रयोग
अक्सर लोग समय बचाने के लिए या गर्मियों के मौसम में शॉवर का प्रयोग करते हैं जबकि शॉवर से नहाने से कितना ही पानी व्यर्थ हो जाता है। ऐसा करना पर्यावरण के हित में नहीं है इसलिए शॉवर का उपयोग न करते हुए नहाने के लिए बाल्टी का ही उपयोग करें। ऐसा करके आप जल संरक्षण कर सकेंगे जो कि वर्तमान की आवश्यकता है।