अक्सर लोग अजमेर जाते हैं तो पुष्कर भी घूम आते हैं लेकिन अजमेर से सटे मदनगंज-किशनगढ़ के बारे में कम ही लोग जानते हैं। उसी राजस्थानी ठाठ-बात से सजी ये जगह 'बानी थानी' पेंटिंग के लिए मशहूर है। कहा जाता है कि बानी थानी 18वीं शताब्दी में किशनगढ़ के शासक राजा सावंत सिंह की मां द्वारा नियोजित एक गायिका और कवयित्री थीं। उनकी सुंदरता, गायन प्रतिभा और भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण देखकर राजा उनकी ओर आकर्षित हुए।
जल्द ही, वह राजा की प्रेमिका बन गईं और बाद में राजा की रानी।बानी थानी का रहन-सहन का तरीका इतना विशेष था, जिसने चित्रकारों को चित्रों के माध्यम से उन्हें अमर बनाने के लिए प्रेरित किया। 1760 में, राजा और उसकी रानी बानी थानी दोनों ने अंतिम सांस ली थी। किशनगढ़ अपने पत्थर (मार्बल) के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां घूमने के लिए दो दिन काफी है क्योंकि किशनगढ़ में काफी खूबसूरत स्थल हैं।