बार-बार लालच देने से बिगड़ सकती हैं बच्चों की आदतें
बच्चों से हर काम करवाने के लिए टॉफी, चॉकलेट या खिलौनों का लालच देना उनकी आदतों को प्रभावित कर सकता है। धीरे-धीरे बच्चे हर काम के बदले किसी इनाम की उम्मीद करने लगते हैं। जब उन्हें उनकी पसंद की चीज नहीं मिलती, तो वे काम करने से मना कर सकते हैं या जिद करने लगते हैं। ऐसे में कई बार माता-पिता बच्चे की जिद के आगे झुककर उनकी मांग पूरी कर देते हैं। इससे बच्चे को यह समझ आ सकता है कि जिद करने पर उसकी बात मान ली जाएगी। इसलिए माता-पिता को हर काम के बदले चीजें देने के बजाय बच्चों को प्यार से समझाना और उनकी अच्छी कोशिशों की सराहना करना चाहिए।
बड़े होने पर निराशा का कारण बन सकता है लालच
बचपन से ही हर काम के बदले इनाम पाने की आदत बच्चों की सोच और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। बड़े होने पर जब उन्हें हर काम के लिए कोई इनाम या फायदा नहीं मिलता, तो वे निराश महसूस कर सकते हैं। कई बार उन्हें लग सकता है कि उनकी मेहनत की कद्र नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति उनके आत्मविश्वास और मनोबल पर असर डाल सकती है। इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों को बचपन से ही जिम्मेदारी निभाने, बिना किसी इनाम की उम्मीद के प्रयास करने और अपनी मेहनत का महत्व समझने की सीख दें। इससे बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में मदद मिल सकती है।
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गलत आदतों की छूट, भविष्य पर चोट
बच्चों को गलत काम करने से रोकने के लिए टॉफी या दूसरे इनाम का लालच देना उनकी आदतों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। धीरे-धीरे बच्चे सही व्यवहार को अपनी जिम्मेदारी समझने के बजाय इनाम से जोड़ने लगते हैं। ऐसे में भविष्य में वे अपनी गलती को सही ठहराते हुए कह सकते हैं कि जब उन्हें कुछ मिला ही नहीं, तो उन्होंने गलत काम क्यों न किया? इसलिए बच्चों को केवल इनाम का लालच देने के बजाय सही और गलत के बीच का अंतर समझाना जरूरी है, ताकि उनमें जिम्मेदारी और आत्म-अनुशासन की भावना विकसित हो सके।
लालच और इनाम के बीच का अंतर समझना जरूरी
अच्छी आदतें विकसित करने के लिए छोटे-छोटे इनाम देना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हर जिद या गलत व्यवहार को रोकने के लिए लालच देना बच्चे की आदतों पर गलत असर डाल सकता है। जब बच्चा हर बात मनवाने के लिए किसी इनाम की उम्मीद करने लगे, तो उसके लिए सही व्यवहार भी एक सौदा बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता समझें कि बच्चे को प्रोत्साहित करना कहां सही है और लालच देकर अपनी बात मनवाना कहां नुकसानदायक हो सकता है।
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