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बच्चों में 'चिंता' है गंभीर समस्या, पेरेंट्स इस्तेमाल करें ये 5 आसान तरीके

Wed, 17 Apr 2019 12:15 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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आज के दौर में हमारे आस पास का माहौल ही ऐसा हो गया है कि हम हर छोटी बात का तनाव ले लेते हैं और इससे चिंता  होने लगती है। आपको बता दें कि ये लक्षण सिर्फ बड़ों में ही नहीं है बल्कि बच्चे भी इसका शिकार हैं। अपने बच्चे की बात को गंभीरता से लें, उन्हें अनदेखा न करें क्योंकि उनकी उम्र के अनुसार वो छोटी सी बात भी उनके लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकती है। ऐसे में मेन्टल हेल्थ एक्सपर्ट के पास जाना उचित है लेकिन ऐसी समस्याओं को खुद सुलझाने की कोशिश करें। जानें 5 आसान तरीके जिनसे अपने बच्चे को चिंता से बाहर निकाल सकते हैं और उन्हें जीवन संबंधी अच्छा ज्ञान दे सकते हैं। 
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हर माता-पिता को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे हर चीज आपको देखकर ही सीखते हैं। उनके सामने आपके द्वारा की गई रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां उन्हें भी ये सिखाती हैं कि गलतियां करना सामान्य है या ठीक है। हालांकि, इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि गलती प्रत्येक इंसान से होती है और कोई भी मनुष्य परफेक्ट नहीं होता। लेकिन गलतियां करने से हम बच जरूर सकते हैं। 
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सबसे पहला कदम है कि अपने बच्चे को ये विश्वास दिलाएं कि आप उनपर विश्वास करते हैं। अपने बच्चे को समझाएं कि आप उनके साथ हैं और उनकी समस्या का मिलकर समाधान करेंगे। यह बातें उन्हें डर का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करेंगी और उनकी चिंता को दूर करेंगी। 

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डेमो
हालांकि, सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन अपने बच्चे को उनकी चिंताओं की लिस्ट बनाने को कहें। इससे उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने में मदद मिलेगी और जो बातें वो आपसे नहीं कह पा रहे हैं उन्हें लिखेंगे तो आपको भी उन्हें समझने में मदद मिलेगी। 
 
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अपने बच्चे की चिंता को बेकार और छोटी बात समझकर अनदेखा न करें। उस विषय में उनसे सवाल करें, बात को समझने की कोशिश करें। इससे उन्हें न केवल अपनी भावनाओं को खुल कर व्यक्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि भविष्य में वो आपसे कुछ छुपाएंगे नहीं। 
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जब बच्चे भविष्य की चिंता करते हैं तो उन्हें ध्यान केंद्रित करने के लिए कहें कि वर्तमान के लिए क्या सही है। इसके साथ-साथ वो एकाग्रता और दिमाग का सही जगह इस्तेमाल करना सीखते हैं। 
 
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