कल रात ही मेरी नौकरी छूटी है। छूटी क्या है मालिक ने निकाल दिया। 4,500 रुपए का चेक थमाकर विदा कर दिया। डेढ महीने में ही नौकरी की सारी खुशी निराशा में तब्दील हो गई। 15 दिन की तनख्वाह और अब फिर बेराजगारी। मालिक बोला- 'काम सीखने के बाद वैसे भी आप छोड़ देते। पुराना लड़का गांव से लौट चुका है। आप कहीं और देखिए।' दो-तीन दिन से मालिक लगातार कह रहा था- 'आपका काफी दूर पड़ता है। 9 हजार में से 5 हजार तो किराया लग जाता है। कहीं और देखिए। मैं तनख्वाह नहीं बढ़ाऊंगा '
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