बता दें निरंकारियों के लिए अपने वर्तमान गुरु की बातों का पालन करना ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म होता है। इस संप्रदाय के अनुयायियों की कोशिश होती है कि उनके गुरु कभी भी उनसे नाराज न रहें। निरंकारी धर्म में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपना पूरा जीवन गुरु की सेवा में ही गुजार देते हैं। निरंकारी लोग खुद अपने कई स्कूल भी चलाते हैं। ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य ये होता है कि वो अपने बच्चों को समाज में फैली कुरीतियों से दूर रख सकें।
निरंकारी लोगों का जीवन सादगी से भरपूर होता है। इन्हें दुनिया के दिखावे और झूठी शान से कोई मतलब नहीं होता। सच्चाई और धर्म का पालन करना ही इनके जीवन का मूलमंत्र होता है। इनका खान-पान रहन-सहन भी काफी अलग होता है। निरंकारी हमेशा सादा भोजन ग्रहण करना पसंद करते हैं। इनका मानना है सादा जीवन उच्च विचार ही जिंदगी जीने का सही तरीका होता है। ये बिना लहसुन-प्याज का खाना खाते हैं। इन्हें खाने में घी खाना बेहद पसंद होता है।
फिलहाल निरंकारियों का गुरु सदगुरु निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की छोटी बेटी सुदीक्षा को बनाया गया है। बता दें कि कनाडा में एक सड़क हादसे में सदगुरु हरदेव बाबा सिंह की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी चाहती थीं कि उनकी बेटी उनके पति के कामकाज को संभाले लेकिन लोगों का सहयोग ना मिलने और मना करने के बाद उन्हें ही निरंकारी गुरु का पद संभालना पड़ा।
पिछले दो साल से उन्होंने इस पद को बड़ी सूझबूझ के साथ संभाला है। इस समय उनकी सिर्फ तीन बेटियां ही हैं, जिसमें सुदीक्षा उनकी छोटी बेटी है। उनका मानना था कि सुदीक्षा सभी कामों में बेहद सक्रिय है। यही वजह थी कि उन्होंने सुदीक्षा को अलगा गुरु चुना।
निरंकारी मिशन की 27 देशों में 3000 शखाएं हैं और इस शाखा में करीब एक करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं। बता दें इस मिशन का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज हो चुका है। इस मिशन का मुख्य मुख्यालय दिल्ली में बना हुआ है। निरंकारी अनुयायियों ने एक दिन में 70 हजार लोगों को रक्तदान किए जाने के लिए भी चर्चा में आए थे, जिसके बाद इसका नाम वर्ल्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज हुआ था। निरंकारी मंडल की और से दिल्ली में हर साल वार्षिक महोत्सव मनाया जाता है, जिसमें देश और विदेश से लोग भाग लेने आते है। बता दें अब तक निरंकारियों के 6 गुरु रह चुके है, जिनके नाम हैं,बाबा बूटा सिंह,अवतार सिंह,बाबा गुरबचन सिंह,बाबा हर देव सिंह,माता सविंदर हरदेव और माता सुदीक्षा।
इस मिशन देश और विदेश में चर्चित है। कर्इ देशों में मौजूद निरंकारी समुदाय के लोग समाज सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते है। इस समुदाय के लोगों की खास बात होती है वह कभी भी किसी विवाद में नहीं फंसते है। निरंकारी अपने काम को बड़े साफ-सफाई के साथ करना पसंद करते है। निरंकारी परिवार के लोग गरीब परिवार के लड़कियों के शादी विवाह करवाने जैसे समाज सेवा के कार्य भी करते हैं।