Karwa Chauth 2026 Sargi Right Time In Hindi: हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पूजा करती हैं। इसके बाद व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ पर व्रत की शुरुआत सरगी खाने के साथ होती है। इस दिन सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें सुहाग का सामान और फल, मिठाई जैसी खाने-पीने की चीजें शामिल होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि करवा चौथ पर सरगी खाने का सही समय क्या है और इसमें किन चीजों को शामिल करना चाहिए।
करवा चौथ पर सरगी की चीजों को कब खाएं?
करवा चौथ के व्रत में सरगी खाने के समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाओं को सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करना चाहिए। इसके लिए सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे तक का समय बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्योदय के बाद सरगी खाना वर्जित माना जाता है, इसलिए महिलाओं को समय रहते सरगी खा लेनी चाहिए।
सरगी की थाली में क्या-क्या रखना चाहिए?
सरगी खाने के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेती हैं और दिनभर पूजा की तैयारियां करती हैं। शाम को करवा चौथ की कथा सुनने या पढ़ने और विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। चंद्रमा निकलने के बाद अर्घ्य दिया जाता है और फिर व्रत खोला जाता है। करवा चौथ की रस्मों में परिवार और क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए पहली बार व्रत रख रही महिलाएं अपनी सास, घर की बड़ी महिलाओं या परिवार में प्रचलित परंपरा से सरगी और पूजा की विधि जान सकती हैं। सही तैयारी, संतुलित सरगी और अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाएं।