कई हार आप जो भी खाना खाकर घर से निकलते हैं, बाह जाने पर आपको दोस्त जान ही जाते हैं कि आप क्या खा कर आए हैं। ऐसे में आप हैरान हो जाते होंगे कि आखिर कैसे बिना बताए लोगों को
पता चल गया कि हमने क्या खाया था। दरअसल हम जो खाते हैं उन खानों की अपनी एक खास खुशबू होती है, साथ ही उन्हें जायकेदार बनाने के लिए जो मसाले डाले जाते हैं, उनकी महक भी इतनी
तीखी होती है कि अगर खाने के बाद दांत साफ ना किए जाए तो कोई भी सूंघ कर आपके खाने का अंदाजा लगा सकता है।
लहसुन और प्याज, ये दो ऐसी चीजें हैं जिनकी महक काफी तेज होती है। गार्लिक ब्रेड के शौकीनों के लिए एक गंभीर मसला है कि आखिर खाने के बाद लहसुन की महक को मुंह से कैसे दूर किया जाए।
लहसुन खाने के चौबीस घंटे बाद भी इसकी गंध बरकरार रहती है। यहां तक कि कुछ लोगों के तो पसीने से भी इसकी महक आती है। ये भी जरूरी नहीं कि आपने लहसुन चबाया हो तभी आपके मुंह से
उसकी महक आएगी।
दरअसल लहसुन में सल्फर बड़ी मात्रा में होता है। जब हम उसे पचाते हैं तो ये सल्फर खून में शामिल हो जाता है और हमारी सांस की नली, फेफड़ों और मुंह में जमा हो जाता है। ब्रश करने के बाद मुंह
से तो ये महक दूर हो जाती है। लेकिन हमारे शरीर में जिस तरह की गतिविधियां चल रही होती है उनके साथ भी ये सल्फर संपर्क साधता है और अपनी महक छोड़ जाता है। मसलन अगर आपको
पसीना आएगा तो उसमें भी इसकी महक शामिल होगी। अब सवाल ये है कि इस महक से निजात आखिर मिले कैसे? इस गंध को उसे खाने के बाद उत्पन्न होने वाले रासायनिक परिवर्तनों के जरिए
खत्म किया जा सकता है।
अगर लहसुन के साथ तुलसी, पुदीना, अजवाइन, सलाद पत्ता को खाने में शामिल कर लिया जाए तो काफी राहत रहती है। इसी तजुर्बे के दौरान एक और दिलचस्प बात पता चली कि सेब में लहसुन की
महक की काट करने की क्षमता सबसे ज्यादा है।
प्रोफेसर बेरिंगर का कहना कि उन्होंने बहुत सी चीजों के साथ तजुर्बा करके देखा लेकिन सबसे सटीक नतीजे पुदीना, सलाद पत्ता और कच्चे सेब के ही थे।