हाल में ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलीना जोली ने स्तन हटवाए। उनके इस साहसिक कदम की हौसला अफजाई मीडिया और उनके प्रशंसकों ने खुलकर की। लेकिन क्या यह ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए यह एकमात्र प्रभावी विकल्प है? जवाब है नहीं।
इस बारे में सीएनएन पर अपने लेख में इंडियाना स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. ऐरन ई. कैरल ने बताया कि एंजेलीना द्वारा करवाई गई डबल मासटेकटॉमी सर्जरी ब्रेस्ट कैंसर से बचाव की 100 प्रतिशत गारंटी नहीं देता है। इस सर्जरी के बाद भी इस बात का 10 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर के बना रहने का रिस्क रहता ही है।
क्या है डबल मासटेकटॉमी
डबल मासटोकटॉमी एक प्रकार की सर्जरी है जिसका इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने के लिए किया जाता है। इसमें स्तनों का आंशिक या पूरा भाग हटा दिया जाता है जिससे ब्रेस्ट में कैंसर पनप न सके।
अधिकतर मामलों में बचाव के लिए मासटेकटॉमी यानी एक स्तन हटवाने के बजाय डबल मासटेकटोमी ज्यादा असरजार सर्जरी मानी जाती है क्योंकि बीआरसीए का रिस्क किस स्तन में ज्यादा हो सकता है यह कहना मुश्किल है।
कब करवाएं यह सर्जरी
ड्यूक यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर और ड्यूक कैंसर इंस्टिट्यूट की चीफ एमडी शैली ह्वांग ने वेबएमडी डॉट कॉम को बताया डबल मास्टेकटॉमी की सर्जरी अमूमन उन्हीं मामलों में करवाने की जरूरत है जिनमें ब्रेस्ट में बीआरसीए नामक जीन मिले, जो कि एंजलीना के मामले में पाया गया।
अगर अधिकतर ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में गौर करें तो केवल पांच प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर के ऐसे रोगी होते हैं जिनमें ब्रेस्ट कैंसर का यह जीन मौजूद होता है इसलिए इसे हर ब्रेस्ट कैंसर के मरीज के लिए प्रभावी मानना गलत है।
विकल्प भी हैं प्रभावी
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव और उपचार के लिए डबल मासटेकटॉमी ही एकमात्र विकल्प नहीं है। इससे बचाव के लिए हर साल ब्रेस्ट का मेमोग्राम और एमआरआई भी करवा सकते हैं।