सेक्स की इच्छा का दिल और भावनाओं से संबंध तो सभी जानते हैं लेकिन इसका दिल की सेहत से भी कोई संबंध हो सकता है, इस बारे में जानकारी हाल में हुए एक शोध में मिली है।
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बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने अपने शोध के आधार पर यह माना है कि जो पुरुष टेस्टोस्टोरोन नामक सेक्स हार्मोन बढ़ाने का उपचार करवाते हैं उनमें दिल की बीमारियों का रिस्क कम हो जाता है।
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शोध के दौरान 33 से 69 वर्ष की आयु के 255 ऐसे पुरुषों का परीक्षण किया गया जो टेस्टोस्टोरोन थेरेपी से उपचार करवा रहे हैं और पांच सालों तक उनकी सेहत पर नजर रखी।
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उन्होंने पाया कि टेस्टोस्टोरोन का उपचार करवा रहे पुरुषों के बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हुआ और गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा जिससे हाइपरटेंशन और कार्डियोवास्कुलर रोगों का रिस्क कम हुआ है।
शोधकर्ता अब्दुलमगैद एम. ट्रैश के अनुसार, ''शोध के आधार पर हमने कोलेस्ट्रॉल और दिल के रोगों के उपचार में भी टेस्टोस्टोरोन थेरेपी से काफी फायदा मिल सकता है।''
शोधकर्ताओं ने पाया कि टेस्टोस्टोरोन के उपचार के दौरान मरीजों के रक्त में ग्लूकोज और हिमोग्लोबिन ए1सी का स्तर कम होता है जिससे इन्सुलिन सक्रिय होता है।
इस शोध का विवरण क्लीनिकल प्रैक्टिस जर्नल में प्रकाशित हुआ है।