यदि आपको फोन की आवाज या सामने वाले की बातचीत साफ सुनाई नहीं देती और कान में हमेशा सीटी बजने का अहसास होता है, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। यह ‘एकॉस्टिक न्यूरोमा’ हो सकता है।
इसके बढ़ने से बहरेपन के साथ-साथ आपका चेहरा भी लकवाग्रस्त हो सकता है। दरअसल एकॉस्टिक न्यूरोमा एक ट्यूमर होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। यह कैंसर नहीं होता। इससे सुनने की शक्ति भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
इसके लक्षण भी जल्दी सामने नहीं आते, जिससे समय रहते बीमारी का पता नहीं चल पाता है। दिमाग से निकलने वाली आठवीं क्रेनियल तंत्रिका कान के अंदरूनी हिस्से तक जाती है।
इस तंत्रिका पर बनने वाला ट्यूमर ही एकॉस्टिक न्यूरोमा कहलाता है। इसे बनने में कई साल भी लग जाते हैं। चलते-चलते लड़खड़ा जाना, थकान महसूस होने पर नजरअंदाज न करें। नहीं तो आप बहरेपन का शिकार हो सकते हैं।