हाल में हुए एक शोध की मानें तो निमोनिया का रिस्क उन लोगों को अधिक होता है जिन्हें नींद से संबंधित समस्या - स्लीप एपनिया की शिकायत होती है।
ताइवान के तेइपेइ वेटेरन्स जनरल अस्पताल के शोधकर्ता विन्सेंट याइ-फोंग सू और कुन ता चोऊ के अनुसार, ''हमने अपने अध्ययन में पाया कि स्लीप एपनिया के मरीजों को निमोनिया का रिस्क सबसे अधिक होता है। इतना ही नहीं जिसे नींद से जुड़ी यह समस्या जितनी अधिक होती है, उसे निमोनिया का रिस्क भी उतना ही अधिक होता है।''
स्लीप एपनिया ऐसी समस्या है जिसमें सोते वक्त नाक के ऊपरी छिद्रों में ऑक्सीजन का प्रवाह अवरुद्ध होता है।
शोधकर्ताओं ने 34,100 मरीजों पर 11 साल तक किए गए अपने अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
यह शोध कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।