हाल में हुए एक शोध में बच्चों में दमा के एक नए कारण का पता चला है। ब्रिटेन के शोध की मानें तो प्रीमैच्योर यानी नौ माह से पहले ह जन्म लेने वाले बच्चों को दमा और श्वास संबंधी रोगों का खतरा अधिक होता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ मास्ट्रिच और ईडनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 15 लाख बच्चों पर किए गए अपने शोध के आधार पर यह दावा किया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार नौ महीने से पहले हुए बच्चों में दमा की आशंका सामान्य बच्चों से तीन गुना अधिक होती है।
शोधकर्ता अजीज शेख के अनुसार, ''इस शोध के आधार पर हम प्रीमैच्योर शिशुओं के सेहत से जुड़े खतरे का पता लगा सकते हैं जिससे समय रहते उन्हें दमा से बचाने में आसानी हो।''
यह शोध बीएमएच जर्नल में प्रकाशित हुआ है।