किशोरावस्था के दौरान रुटीन की एक गलती कई किशोरों की सेहत के लिए बड़ा खतरा हो सकती है।
हाल में हुए एक शोध की मानें तो मोटापे का शिकार वे किशोर जो भरपूर नींद नहीं लेते हैं उन्हें दिल के रोग, मधुमेह और स्ट्रोक का खतरा बहुत अधिक होता है।
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यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन और बेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो नींद ठीक तरह से न ले पाना ओवरवेट किशोरों के लिए कार्डियोवास्कुल और मेटाबॉलिक रोगों का खतरा होता है।
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शोधकर्ताओं ने 11 से 17 साल के 37 किशोरों पर किए गए अपने अध्ययन में यह दावा किया है। शोध के दौरान सप्ताह भर किशोरों के 24 घंटे के रुटीन का परीक्षण किया है।
उन्होंने यह भी माना है कि नींद कम लेने पर रोगों का यह रिस्क सामान्य किशोरों की अपेक्षा मोटापे के शिकार किशोरों में अधिक होता है।