मौज-मस्ती के माहौल में मधुमेह रोगियों को थोड़ा ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। उत्सव और उल्लास के इस मौके पर आपकी खुशियां भी बरकरार रहें, इसके लिए नई दिल्ली के मौलाना आजाद मेडीकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर जुगल किशोर के बताए कुछ टिप्स आजमाइए-
-पहली बात तो मीठे व्यंजनों से परहेज करने की ही है। लेकिन फिर भी अगर आप त्योहार की मिठास का स्वाद चखना चाहते हैं तो कोई रोक नहीं है। ध्यान सिर्फ इतना देना है कि डाइट में संतुलन रहे। मसलन, अगर आपने 100 कैलोरी की एक गुजिया खा ली है तो खाने से एक रोटी कम कर दें।
- इस त्योहार को मिठाई और अत्यधिक वसा युक्त भोजन की बजाय फ्रूट और ड्राईफ्रूट के साथ मनाएं। डायबिटीज के मरीज ही उत्सव के मौके पर इस हेल्थ फ्रेंडली डाइट के चलन को शुरू कर सकते हैं।
- बाजार में बहुत सी शुगर फ्री मिठाइयां उपलब्ध होती है। यदि मिठाई खाने का मन हो तो ऐसी ही मिठाइयों का सेवन करें।
-जहां तक पेयपदार्थों की बात है तो नमक वाली चीजों का सेवन करें। मीठे शरबत या कोल्डड्रिंक्स न लें। दही की नमक वाली लस्सी या शुगर फ्री ठंडाई ले सकते हैं।
- सामान्य तौर पर भी स्किन एलर्जी से बचने के लिए हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन यह बात डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से रंगों के आर्टिफिशियल केमिकल डायबिटिज के मरीजों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।