गंजेपन से परेशान हैं और सिर पर बालों की आस में तरह-तरह के नुस्खे आजमाकर तंग आ चुके हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है।
गंजेपन से जुड़ी ये बातें हैं आपका भ्रम
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो सिर में बालों को उगाने में कामयाब मानी जा रही है। शोधकर्ताओं ने चूहों पर इस तकनीक का परीक्षण किया है। इसमें त्वचा की कोशिकाओं से बालों के फॉलिकल्स का निर्माण करने में सफलता प्राप्त की है।
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कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने बालों को त्वचा पर अंकुरित अनाज की तरह ही उगाने में सफलता हासिल की है। हालांकि उनका मानना है कि अभी इस विधि पर उन्हें बहुत अधिक अध्ययन की आवश्यकता है लेकिन यह गंजेपन का एक पुख्ता इलाज हो सकता है, इसमें कोई शक नहीं है।
फिलहाल गंजेपन के उपचार के लिए हेयर ट्रांसप्लांट विधि प्रचलित है जिसमें बालों का स्थानांतरण किया जाता है। कई बार यह विधि इसलिए कामयाब नहीं हो पाती है क्योंकि गंजे व्यक्ति के शरीर में हेयर फॉलिकल ही सीमित मात्रा में होते हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि हेयर फॉलिकल उगाने से गंजेपन के उपचार के लिए यह हेयर ट्रांसप्लांट से कहीं अधिक कारगर विधि हो सकती है।
शोधकर्ता डॉ. माइकल ग्रीन के अनुसार, ''शोध में हमें काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं और जल्द ही हम स्वाभाविक रूप से सिर पर दोबारा बाल उगाने में कामयाब होंगे।''
यह शोध प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है।