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सांस फूलना और सिर दर्द, हो सकता है फेफड़ा अटैक

Wed, 07 Aug 2013 12:46 PM IST
वाराणसी/ब्यूरो
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सीने में दर्द, सांस फूलना, बहुत अधिक थकान, अमूमन इन लक्षणों के आधार पर दिल के दौरे की आशंका जताई जाती है लेकिन दिल के दौरे की तरह ही दिखने वाले ये लक्षण फेफड़े के अटैक के भी हो सकते हैं।
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जी हां, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल चिकित्सालय के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में इस बीमारी का पता लगाया है। शोधकर्ताओं के अनुसार इस बीमारी का सबसे नकारात्मक पहलू यह है कि इसके होने का पता मरीज तो क्या डॉक्टर को भी नहीं चलता।

क्या है फेफड़ा अटैक
फेफड़ा अटैक एक ऐसी जानलेवा स्थिति है जिसमें श्वास के मरीजों में फेफड़े पर दबाव बढ जाता है जिसकी वजह से दिल का दाहिना हिस्सा फैलने लगता है। कई बार रोगी का इलाज दिल का दौरा समझकर किया जाता है लेकिन उसकी समस्या दिल नहीं बल्कि फेफड़े से जुड़ी होती है।
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शोध प्रभारी प्रो. डॉ. एस.के. अग्रवाल का कहना है कि ऐसे मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से फेफड़े तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती। इससे फेफडे पर दबाव बढता जाता है। इस दबाव का असर दिल के दाहिने तरफ के भाग पर पडता है और वह हिस्सा फैलने लगता है। कई बार यह इतना फैल जाता है कि स्थिति दिल के दौरे की हो जाती है, लेकिन असलियत में इसका कारण फेफड़े से संबंधित होता है।  

मुश्किल है लक्षण की पहचान
इस बीमारी का सबसे नकारात्मक पहलू यह है कि इसके होने का पता मरीज तो क्या डाक्टर को भी नहीं चलता। यह दिल के दौरे की तरह खतरनाक होता है।
 
बीएचयू के वक्ष एवं टी.वी. विभाग की श्वसन इकाई में श्वास रोग के 100 मरीजों पर दो साल तक चले परीक्षण से पता चला कि श्वास के मरीजों पर फेफड़े का दबाव अचानक ही बढ जाता है जिन मरीजों की जांच हुई उनमें से 80 को हृदय संबंधी परेशानी थी।

ये ऐसे मरीज थे जिन पर लंबे इलाज के बाद भी दवाओं का असर नहीं हो रहा था। इन्हें सांस फूलने और सीने में दर्द के अलावा एक बड़ी शिकायत थोड़ा सा काम करने पर थकान बढने की थी।

डॉ. अग्रवाल का मानना है कि सिर्फ लक्षणों के आधार पर कभी नहीं जाना जा सकता कि मरीजों के फेफड़े पर दबाव सामान्य से ज्यादा हो गया है। सामान्य व्यक्ति के फेफड़े पर दबाव 25 मिलीमीटर मरकरी से ज्यादा नहीं होता है।
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