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लो फैट दूध या जूस बिगाड़ रहा है बच्चों की सेहत

Wed, 20 Mar 2013 04:47 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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आप अपने बच्चों को बाजार में बिकने वाले लो फैट दूध, टेट्रा पैक या फिर रेडीमेड फ्रूट जूस देकर अगर यह सोचते हैं कि आप उन्हें कुछ हेल्दी डाइट दे रहे हैं तो जनाब, यह आपकी गफलत है।
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दरअसल, लो फैट दूध या कैलोरी फ्री जूस आपके बच्चों को न सिर्फ मोटा बनाते हैं बल्कि उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए भी ठीक नहीं हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट तपस्या मुंद्रा ने अमर उजाला को बताया, 'बच्चों की बढ़ती उम्र में स्किम्ड या लो फैट दूध, प्रिजर्व फ्रूट जूस और जीरो फैट्स वाले डेयरी प्रोडक्ट्स बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को नुकसान पहुंचाते हैं और इनसे बच्चों को फुल न्यूट्रीशन नहीं दिया जा सकता है।'

स्किम्ड या लो फैट दूध से नुकसान
बाजार में बिकने वाले वन परसेंट फैट या स्किम्ड दूध में भरपूर पोषक तत्व नहीं होते जिससे बच्चों का सही तरीके से शारीरिक विकास नहीं हो पाता है।

स्किम्ड दूध में भरपूर पोषक तत्व नहीं होते हैं इसलिए इन्हें लेने के बाद भी बच्चों की भूख नहीं शांत होती है और वे जंकफूड या स्नैक्स अधिक खाते हैं।

हाल में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने भी अपनी शोध में माना है कि स्किम्ड दूध पीने वाले बच्चों में फुल क्रीम दूध पीने वाले बच्चों की अपेक्षा मोटापे की आशंका 57 प्रतिशत अधिक होती है।
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टेट्रा पैक मिल्क या रेडीमेड फ्रूट जूस
तपस्या मुंद्रा बताती हैं कि बाजार में बिकने वाले रेडीमेड फ्रूट जूस या टेट्रापैक डेयरी प्रोडक्ट्स में अधिक मात्रा में प्रिजरवेटिव्स होते हैं।

इनका सही विवरण लेबल पर नहीं पता चल पाता। इनमें शुगर की अधिकता होती है और पोषक तत्व कम होते हैं, जो बच्चों के विकास पर असर डालते हैं।

ये समस्याएं हो सकती हैं
पैकेटबंद जूस, टेट्रा पैक या स्किम्ड दूध जैसे पेय से बच्चों में विटामिन डी की कमी होने का खतरा अधिक होता है।

इसके अलावा, कई मानसिक समस्याएं जैसे कन्सन्ट्रेशन की कमी भी हो सकती है। इनसे बच्चों को भरपूर पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और मोटापा हो सकता है।

फुल क्रीम मिल्क है फायदेमंद
ब्रिटेन के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ के विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के लिए स्किम्ड या जीरो फैट दूध के बजाय फुलक्रीम या सेमी-स्किम्ड मिल्क ज्यादा फायदेमंद है जिसमें भरपूर मात्रा में कैलोरी, विटामिन ए और विटामिन डी मिलता है जो बच्चों के विकास के लिए जरूरी है।

तपस्या भी मानती हैं कि बच्चों को मलाईदार दूध, घर में बनाई गई दही और ताजे फलों का जूस देना उनके विकास के लिए जरूरी है जिसमें अच्छी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं।
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