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फेफड़ों के लिए खतरनाक है अगरबत्ती का धुआं

Tue, 13 Aug 2013 07:41 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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अगरबत्ती या धूपबत्ती का इस्तेमाल न सिर्फ दादी मां के जमाने से घरेलू रूम फ्रेशनर के तौर पर हम करते आ रहे हैं बल्कि ये हमारे लिए आस्था के प्रतीक भी बन चुके हैं। इनसे निकलने वाला धुआं भले ही हमारे मन को कितना भी सुकून क्यों न दे, लेकिन दमा, दिल और फेफड़ों के मरीजों के लिए यह किसी धीमे जहर से कम नहीं है।
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यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलीना के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि अगरबत्ती या धूप बत्ती से निकलने वाला धुआं हमारी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है। इससे निकलने वाली गैस - कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और फॉर्मलेडिहाइड, सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है।

शोधकर्ता कैरन येट्स के अनुसार, 'अगरबत्ती का धुआं हमारे फेफड़ों के लिए उतना ही नुकसानदायक है जितना सिगरेट से निकलने वाला धुआं है। यह हमारे लिए कई गंभीर रोगों की वजह हो सकता है। तसल्ली इस बात यह है कि जिस तरह सिगरेट छोड़ने से रोगी की हालत में सुधार होता है, उसी तरह इस धुएं से दूर रहने पर भी फेफड़ों में सुधार होता है।'
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येट्स का मानना है कि दमा, फेफड़े और दिल के रोगियों के लिए इस धुएं से दूर रहना बहुत जरूरी है। बेहतर हो कि जिस कमरे में अगरबत्ती जले, वहीं ये मरीज न रहें क्योंकि इसके संपर्क से भी उनके रोग बिगड़ सकते हैं।
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अगर आपके घर में भी कोई दमा, फेफड़े या दिल का मरीज है तो अब से अगरबत्ती या धूप बत्ती जलाते वक्त इस बात पर जरूर गौर करें।
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