एचआईवी के संक्रमण का पता अगर शुरुआती दौर में ही चल जाए तो और इसका उपचार शुरू हो जाए तो करीब 10 में से एक व्यक्ति को बचाने में सफलता मिल सकती है। फ्रांस के शोधकर्ताओं ने अपने शोध के आधार पर यह दावा किया है।
'बीबीसी' में प्रकाशित इस शोध में 14 एचआईवी संक्रमित लोगों के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला। इन लोगों ने संक्रमण के दस सप्ताह के भीतर ही उपचार शुरू कर दिया था।
हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि अधिकतर मामलों में इस संक्रमण का पता ही तब चलता है जब सिका वायरस पूरे शरीर को संक्रमित कर देता है।
शोध के दौरान प्रतिभागियों को तीन साल तक दवाएं दी गईं। ये दवाएं अब तक सिर्फ वायरस की सक्रीयता जांचने में ही सफल हो पाई हैं न संक्रमण को रोकने में। इस बारे में शोधकर्ता डॉ. एशियर सेज ने बताया, 'अधिकतर मामलों में दवाओं से एचआईवी संक्रमण को रोकना संभव नहीं था लेकिन कुछ मामलों में हमने पाया कि शुरुआती दौर से ये दवाएं इस संक्रमण पर नियंत्रण में कामयाब हुई हैं।'
उन्होंने माना कि फिलहाल सही समय पर इस संक्रमण का उपचार शुरू कर देने वाले 5 से 15 प्रतिशत रोगियों में संक्रमण को फिलहाल नियंत्रित किया जा चुका है और उनकी दवाएं रोक दी गई हैं, लेकिन अभी यह गारंटी नहीं है कि संक्रमण दोबारा नहीं होगा।
हाल में अमेरिका में एचआईवी संक्रमित बच्चे के उपचार में मिली सफलता के बाद यह शोध इस संक्रमण की चिकित्सा की दिशा में यकीनन उम्मीद की किरण साबित हो सकती है।