सीने में जलन पाचन तंत्र से संबंधित एक सामान्य समस्या है। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक भी हो सकता है।
मेडिकल टर्म में हार्ट बर्न को ′पेप्टिक एसिड डिजीज′ कहा जाता है। यदि आपको कभी-कभी सीने में जलन होती है तो आप अकेले नहीं हैं। दुनिया में लाखों लोग हैं, जिन्हें प्रतिदिन हार्ट बर्न की शिकायत रहती है। गैस्ट्रो इसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) को आम तौर पर हार्ट बर्न भी कहा जाता है। यह पाचन तंत्र से संबंधित एक सामान्य समस्या है।
इस रोग में पेट के एसिडिक कन्टेंट (अम्लीय तत्व) भोजन नलिका (इसोफेगस या फूड पाइप) में वापस बहने लगते हैं। भोजन नलिका की भीतरी परत एसिड यानी अम्ल को बर्दाश्त करने के लिए नहीं बनी है। इसलिए भोजन नलिका में अम्ल की मौजूदगी उसकी भीतरी पर्त में जख्म (अल्सर) पैदा कर देती है।
इस स्थिति को ही हार्ट बर्न कहते हैं। लगातार सीने में जलन रहना और इसे नजरअंदाज करना कई समस्याओं की वजह बन सकता है।
इससे छाती में दर्द और तेज जलन होती है। हार्ट बर्न में छाती के बीच में दर्द, जकड़न और बेचैनी होती है। यह तब होता है जब इसोफेगस की अंदरूनी परत नष्ट हो जाती है। अक्सर पेट खाली रहने और बहुत ज्यादा खा लेने से भी एसिड बनने लगता है। इस वजह से भी सीने में जलन होती है।
शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना, बेवक्त खाना, खाते ही तुरंत सो जाना, मसालेदार भोजन, सॉफ्ट ड्रिंक, प्रिजरवेटिव, जंक फूड, एसिडिक चीजों के सेवन और धूम्रपान से भी एसिडिटी बढ़ती है। सीने में जलन होने पर इनका सेवन न करें। जीवनशैली में बदलाव लाएं। पपीता, दही, संतरा, एलो वेरा जूस, केला, सेब, मछली आदि का सेवन करें।