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उफ-उफ नहीं, वाह-वाह मिर्ची

Mon, 11 Mar 2013 05:49 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कुछ लोग खाना ही नहीं खाते, अगर थाली में हरी मिर्च न हो। जबकि कुछ लोग इसे चखने से भी डरते हैं। लेकिन जब बात सेहत की हो, तो थाली में हरी मिर्च होना जरूरी है। इसके कई फायदे हैं-
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विटामिन ए
हरी मिर्च में सबसे अधिक मात्रा में मिलने वाला पोषक तत्व है विटामिन ए। हडिड्यों, दांतों, आंखों और त्वचा की सेहत के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी होता है।

खासतौर पर रेटिना पिगमेंटेशन बनाने और नाइट विजन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने के कारण विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए खासा फायदेमंद है।

विटामिन सी
हरी मिर्च में विटामिन सी भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह एक एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन दोनों की भूमिका अदा करता है। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों को दूर करने में भी मदद करता है।

फाइबर
हरी मिर्च में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्त्रिस्या को सुचारू करने में मददगार है। इससे कब्ज और अपच की समस्या दूर होती है और आंतों को भी मजबूती मिलती है।

केपसेसिन
मिर्च के तीखे होने का कारण होता है केपसेसिन। यानी मिर्च जितनी ज्यादा तीखी होगी, उसमें केपसेसिन की मात्रा भी उतनी ही ज्यादा होगी। केपसेसिन, शरीर में सूजन या जलन पैदा करने वाले न्यूरोपेपटाइड्स को बढ़ने से रोकता है। इस बात के चिकित्सकीय प्रमाण भी मिलते हैं कि नर्व संबंधी डिसॉर्डर जैसे लगातार दर्द होना, सराइसिस (त्वचारोग)
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इत्यादि में केपसेसिन दर्द निवारक का काम करता है।
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