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बंगाल की प्रसिद्ध 'जयनगर की मोया' मिठाई का हुआ निर्यात, जानें क्यों है खास

Thu, 21 Jan 2021 12:22 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जयनगर की मोया मिठाई - फोटो : twitter
कोलकाता से करीब 50 किमी दूर बसे जयनगर की खास मिठाई मोया काफी प्रसिद्ध है। 24 परगना जिले में स्थित जयनगर की इस खास मिठाई को जीआई टैग यानी भौगोलिक संकेत भी साल 2014 में दिया जा चुका है। इसे खजूर के गुड़ और कनकचूर खोई से मिलाकर बनाया जाता है। सौ साल पुरानी इस मोया मिठाई को पहली बार विदेश में निर्यात किया गया है। बुधवार को इसकी पहली खेप बहरीन के लिए भेजी गई जो पहुंच चुकी है। ये मिठाई पांच से सात दिन तक खराब नही होती है। सफलतापूर्वक इस मिठाई के बहरीन पहुंचने के बाद इसे इटली और कनाडा के लिए भी भेजा जाएगा। 
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जयनगर की मोया मिठाई - फोटो : twitter
पश्चिम बंगाल में इस मोया मिठाई को बनाने का सिलसिला 1904 से शुरू किया गया था। पहली बार में इस करीब 45 किलो मोया का निर्यात किया गया है। जिसकी कीमत करीब 45 हजार रुपये है। जिसके साथ करीब 105 किलो पालमीरा गुड़ का भी निर्यात हुआ है। 
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जयनगर की मोया मिठाई - फोटो : twitter
कैसे बनती हैं मिठाई
मोया बनाने के लिए खजूर के गुड़ और कनकचूर खोई की जरूरत होती है। कनकचूर खोई बांग्ला में धान के लावा को कहते हैं। मोया ऐसी मिठाई है जो केवल दिसंबर और जनवरी के महीने में ही मिलती है। इसका कारण है कि जब नए धान की फसल बाजार में आती है तो इससे सर्दियों की इस खास मिठाई का निर्माण किया जाता है। मोया को बनाने के लिए खजूर के गुड़ और धान के लावा के साथ ही गाय के घी, काजू, किशमिश, इलायची और पोस्ता के दाने का इस्तेमाल किया जाता है। 
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खजूर - फोटो : Pixabay
जयनगर की खास मोया मिठाई को खजूर और धान के लावा से बनाया जाता है। जिसका स्वाद मुंह में घुल जाने वाला होता है। इसे काफी अनूठे तरीके से बनाया जाता है। जिसकी वजह से इसे जीआई टैग मिला हुआ है। जयनगर के आसपास करीब 25 ऐसी जगह हैं जहां पर इस मिठाई को बनाया जाता है। एक मोया को बनाने में करीब 30 रुपये की लागत आती है। जिस हिसाब से करीब छह मोया के एक पैकेट की कीमत करीब 150 रुपये होती है। 
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