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महज 15 हजार रुपए और घर में गूंजेगी किलकारी

Tue, 09 Jul 2013 12:48 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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घर में नन्हीं किलकारी की चाहत को पूरा करने के लिए अब आईवीएफ तकनीक से डिलिवरी हर किसी की पहुंच में हो सकती है। हाल में वैज्ञानिकों ने आईवीएफ की जेनेटिक स्क्रीनिंग तकनीक से सफलतापूर्वक प्रजनन कराया है जिसके लिए उनका दावा है कि यह महज 170 पाउंड यानी 15,261 रुपए में संभव है और अब तक की सबसे सस्ती आईवीएफ तकनीक है।
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शोधकर्ता प्रोफेसर विलियम ओंबलेट ने लंदन में फर्टिलिटी कॉन्फ्रेंस में अपने इस शोध के बारे में बताया कि उनकी टीम ने इस नई तकनीक से करीब 12 बच्चों का जन्म कराया है और यह तकनीक सामान्य आईवीएफ तकनीक जितनी ही प्रभावशाली है।

शोधकर्ताओं का दावा है कि नई तकनीक की सहायता से प्रजनन की संभावना 30 प्रतिशत की दर से संभव है। अब तक आईवीएफ तकनीक से प्रजनन पश्चिमी देशों में महज 10 से 15 प्रतिशत लोगों की पहुंच में होता था लेकिन इस तकनीक से इस प्रक्रिया को हर किसी की पहुंच में लाने की कोशिश की गई है। हालांकि शोधकर्ताओं का मानना है इसे पूरी तरह से स्टैंडर्ड आईवीएफ तकनीक का विकल्प नहीं माना जा सकता है।
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इस बारे में नई दिल्ली स्थित इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर की सीनियर आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. रीता बख्शी बताती हैं, 'यह तकनीक अभी अपने शुरुआती दौर में  है और इसकी पूरी सफलता के बारे में समय ही बता सकता है। अगर आगे भी यह सफल है तो यह वाकई क्रांतिकारी कदम है। हालांकि हमारे देश में भी कम कीमत पर आईवीएफ तकनीक से उपचार संभव है।'

वह आगे बताती हैं, 'हमारे देश में सामान्यतः आईवीएफ तकनीक से प्रजनन की कुल लागत 65,000 से 95,000 रुपए तक है जबकि अफोर्डेबल आईवीएफ तकनीक से प्रजनन की कीमत 40,000 रुपए तक होती है। आमतौर पर सामान्य आईवीएफ में 10 से 12 अंडों का निर्माण किया जाता है जबकि अफोर्डेबल आईवीएफ में तीन से चार अंडों का निर्माण करते हैं। सामान्य आईवीएफ की सफलता की दर 45 प्रतिशत तक होती है जबकि अफोर्डेबल आईवीएफ तकनीक से सफलता की दर करीब 30 प्रतिशत तक होती है।'
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