मन को कितना भी समझाएं लेकिन खाने की प्लेट पर आपकी पसंदीदा डिश देखते ही आप अपना सारा नियंत्रण खो बैठते हैं और जरूरत से ज्यादा खा ही लेते हैं। वजन बढ़ने से परेशान हर किसी की कमजोरी शायद कुछ ऐसी ही है।
अगर आप हर बार अपनी डाइटिंग की कोशिश में नाकाम होते हैं तो इसकी सही वजह वैज्ञानिकों ने खोज निकाली है। हाल में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने माना है कि फैटी डाइट लेने से गैस्ट्रिक नस प्रभावित होती है जिसकी वजह से मस्तिष्क को भूख खत्म होने के संकेत अच्छी तरह नहीं भेज पाता है।
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ऑस्ट्रेलियन शोध की मानें तो पेट से दिमाग को जोड़ने वाले वह गैस्ट्रिक नस जो भोजन लेना है या नहीं, यह संकेत देती है, इसकी निष्क्रीयता ही ओवरडाइटिंग की वजह है। बहुत अधिक फैटी डाइट इस नस को नुकसान पहुंचाती है और यह सही तरह से काम नहीं कर पाती है।
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शोधकर्ता अमांडा पेज के अनुसार, ''अधिक फैटी डाइट लेने वाले लोगों को पेट भरने का पता सामान्य लोगों की अपेक्षा देर से चलता है, यही वजह है कि वे अपनी डाइट पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं और मोटापे का शिकार होते हैं।''
जर्नल ऑफ ओबेसिटी में प्रकाशित हुए इस शोध में माना गया है अधिक फैटी डाइट लेप्टिन नामक भूख से जुड़े हार्मोन को प्रभावित करती है और यह हार्मोन गैस्ट्रिक नस को प्रभावित करता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि डाइट में अगर बहुत फैटी चीजें से परहेज किया जाए तो भोजन पर नियंत्रण करना और मोटापा घटाना आसान हो सकता है।