दिनोंदिन बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए जरूरी है कि आप उनसे जुड़ी उन बातों को भी समझे जो इससे बचने व निपटने में आपके लिए मददगार हैं। डालें नजर, स्वाइन फ्लू से संबंधित जरूरी तथ्यों पर।
नाम पर न जाएं
स्वाइन फ्लू या H1N1 इन्फ्लूएंजा का वायरस पहली बार सुअर में पाया गया था लेकिन अब यह इंसानों में फैलने वाला संक्रमण है। अगर आपके शरीर में प्रतिरोधी क्षमता कम है तो आपको इस इन्फ्लुएंजा की आशंका अधिक है।
इन रोगों को हल्के में न लें
स्वाइन फ्लू की शुरुआत कई बार कुछ रोगों के साथ होती है जिन्हें आप कतई नजरंदाज न करें। आपको तेज बुखार (100 डिग्री से ऊपर) हो, ठंड लगे, सिरदर्द, गला खराब, डायरिया या भूख न लगने जैसी कोई भी दिक्कत हो तो हल्के में न लें। एक-दो दिन से ज्यादा समय तक तेज बुखार भी स्वाइन फ्लू हो सकता है।
छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान
इसके संक्रमण को रोकने का सबसे आसान तरीका है बचाव। आप खुद बचाव रखेंगे तो यह फैलेगा नहीं। तेज बुखार में घर से बाहर न निकलें। जब भी खांसी या छींक आए मुंह पर हाथ रखना न भूलें। बार-बार चेहरे, नामक और आंखों को छूना बंद करें। सफाई का पूरा ध्यान देना इस संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है।
यह लाइलाज नहीं है
स्वाइन फ्लू होने की स्थिति में डॉक्टर से पूरा ट्रीटमेंट लेंगे तो इससे छुटकारा पाना मुश्किल नहीं होगा। फिलहाल इसके उपचार के लिए रेलेंजा और टामीफ्लू जैसी दवाएं उपयोग में लाई जा रही हैं।