दिन भर मोबाइल फोन से अगर आप चिपके रहते हैं तो यह आपके दिमाग के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।
हाल में हुए शोध की मानें तो दिन भर में 15 घंटे से अधिक का समय मोबाइल फोन पर बिताने वाले लोगों को ब्रेन ट्यूमर का रिस्क तीन गुना अधिक होता है।
फ्रांस की बोर्डेक्स यूनिवर्सिटी ने अपने शोध में माना गया है कि सेल्स और बिजनेस के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों से लेकर घंटों फोन पर बाते करने वाले युवाओं तक, दिमाग से जुड़े इस खतरे का रिस्क अधिक होता है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि ब्रेन ट्यूमर के शिकार अधिकतर लोग महीने में औसतन 15 घंटों से अधिक समय मोबाइल फोन पर बात करके काटते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर कैंसर रिसर्च ने भी मोबाइल फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों को कार्सिनोजेनिक होने की आशंका जताई है।
हालांकि शोधकर्ता अपने इस अध्ययन को बेहद शुरुआती दौर में मान रहे हैं।