इबोला संक्रमण की पहचान के लिए 15 मिनट में होने वाला रक्त और लार परीक्षण गिनी में शुरु किया जाएगा।
सौर ऊर्जा संचालित, पोर्टेबल प्रयोगशाला में होने वाला ये परीक्षण, पश्चिम अफ्रीका में फ़िलहाल इस्तेमाल हो रहे परीक्षण की तुलना में छह गुना तेज़ी से परिणाम देगा।
इस परीक्षण में शामिल शोधकर्ताओं के अनुसार, संक्रमण की जल्द पहचान होना संक्रमित व्यक्ति के जीवित रहने की संभावनाएं बढ़ाएगा और वायरस के फैलने में कमी लाएगा।
ये परीक्षण गिनी के कोनक्री में स्थित इबोला के उपचार केंद्रों में किया जाएगा।
अब तक इबोला संक्रमित रोगी की पहचान रोगी के रक्त में वायरस की आनुवंशिक सामग्री पाए जाने से होती है।
इबोला संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित तीन पश्चिम अफ़्रीक़ी देशों में संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या 5,400 हो गई है।
सिर्फ़ गिनी में ही इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है।