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शिफ्ट में काम करते हैं तो हर 3 महीने पर करें यह काम

Sat, 05 Jul 2014 11:27 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की सेहत से जुड़े खतरे कई शोधों में सामने आ चुके हैं लेकिन अब इनसे निपटने का उपाय भी पता चला है।
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खासतौर पर शिफ्ट में काम करने वाले लोगों के लिए दिल के रोगों का खतरा सबसे अधिक है।

ऐसे में इस खतरे से बचाव के लिए हाल में हुए शोध में रक्तदान की भूमिका काफी अहम मानी गई है।

क्यों है फायदेमंद

आस्ट्रिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की गलत बायोलॉजिकल क्लॉक से सबसे अधिक उनकी लाल रक्त कोशिकाएं प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें दिल के रोगों का खतरा अधिक होता है।

आरबीसी की मात्रा अधिक रखने के लिए जरूरी है कि युवा लाल रक्त कोशिकाएं बनती रहें। इसके लिए जरूरी है कि हर तीन महीने पर रक्तदान करें जिससे नई कोशिकाएं बनती रहें।

शोधकर्ता मार्गेट एग के अनुसार, ''रक्तदान से शरीर में ताजा एरथ्रोसाइट्स तेजी से बनते हैं जिससे लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती हैं जिससे दिल के रोगों से बचाव आसाम हो सकता है।''
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ऐसे हुआ शोध

शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने जेब्रा मछली का परीक्षण किया जो मनुष्यों की तरह ही दिन में अधिक सक्रिय होती है। शिफ्ट पैटर्न पर इसके ऊपर अलग-अलग समय पर अध्ययन ‌कर यह निष्कषज्ञ निकाला गया।

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