'जब सब चीजों में एंटीऑक्सीडेंट है तो टूथपेस्ट में क्यों नहीं?' टीवी पर आजकल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर टूथपेस्ट का विज्ञापन तो आप देख ही रहे होंगे। इसमें टूथपेस्ट को न सिर्फ दांत साफ करने के लिए प्रभावी बताया गया है बल्कि इसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बताया गया है जो सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद है।
लेकिन टूथपेस्ट में मौजूद 'एंटीऑक्सीडेंट' आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, इस बारे में क्या आपने कभी सोचा है?
बाजार में कनज्यूमर प्रोडक्ट्स से जुड़े कई ब्रांड अपने उत्पाद को बेहद हेल्दी करार करने के लिए विज्ञापनों में चायपत्ती, टूथपेस्ट जैसे उत्पादों के एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हमारे हेल्थ एक्सपर्ट इस बारे में कुछ अलग ही जानकारी दे रहे हैं।
एंटीऑक्सीडेंट टूथपेस्ट का फायदा है क्या
कंपनियां अपने उत्पाद प्रमोट करने के लिए जो भी दावे करें लेकिन न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. तपस्या मुन्द्रा मानती हैं कि टूथपेस्ट में भले ही एंटीऑक्सीडेंट्स के कुछ तत्व हों पर इससे हमें कुछ भी फायदा नहीं होगा।
वह बताती हैं, 'हो सकता है कि चायपत्ती या किसी खाने की चीज में एंटीऑक्सीडेंट होने के दावों में कुछ सच्चाई हो लेकिन टूथपेस्ट में एंटीऑक्सीडेंट का मतलब समझ नहीं आता। एंटीऑक्सीडेंट हमारे लिए तभी फायदेमंद है जब यह हमारे शरीर के भीतर जाता है जबकि टूथपेस्ट शरीर के भीतर नहीं जाता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट ही हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है और इसका कोई विकल्प अब तक नहीं है।'
क्या कहते हैं डेंटिस्ट
डेंटिस्ट डॉ. जुगल शर्मा बताते हैं, 'एलोपैथी यही माना जाता है कि टूथपेस्ट का काम सिर्फ दांत साफ करना है। आप कौन सा टूथपेस्ट इस्तेमाल कर रहे हैं यह आपकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है लेकिन डॉक्टर नहीं मानते कि इनसे दांतों की सफाई के अलावा कुछ और फायदा मिलता है।'
क्या है एंटीऑक्सीडेंट
एंटीऑक्सीडेंट एक ऐसा तत्व है जो शरीर से विषैले तत्वों को निकालता है और प्रतिरोधी क्षमता मजबूत करता है। यह ग्लूटाथियोन, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन ई जैसे तत्वों के रूप में हमारे शरीर में मौजूद रहता है।
इनमें है एंटीऑक्सीडेंट
डॉ. मुन्द्रा के अनुसार, 'एंटीऑक्सीडेंट सभी गहरे रंग के फलों, गेंहू, सहरी सब्जियों, ग्रीन टी, नारियल पानी, व्हीट ग्रास जूस आदि में मौजूद है जिसे रोजाना डाइट का हिस्सा बनाएंते तो शरीर स्वस्थ रहेगा और प्रतिरोधी क्षमता बढ़ेगी।'
तो अब विज्ञापनों में दिखने वाले उत्पादों को खरीदते वक्त यह जरूर सोचें कि क्या वाकई आपको उनसे उतना फायदा मिलेगा।