लंबे समय तक जवां दिखने की चाहत में अगर आप एंटी एजिंग ट्रीटमेंट या इससे जुड़े उत्पाद का धड़ाधड़ इस्तेमाल करते हैं तो यह सेहत के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
न्यूयॉर्क के एल्बर्ट आइन्सटीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोध की मानें तो एंटी एजिंग ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाले तत्व शरीर को इतना अधिक नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उम्र घट सकती है।
करीब 184 पुरुषों और महिलाओं पर 11 साल तक किए गए शोध के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, एंटी एजिंग उत्पादों में मौजूद केमिकल शरीर में आईजीएफ-1 हार्मोन का स्तर बढ़ाते हैं जो प्रतिरोधी क्षमता कमजोर करता है और कैंसर का रिस्क बढ़ाता है।
हालांकि शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि उनका यह निष्कर्ष एजिंग हार्मोन थेरेपी जैसे ट्रीटमेंट पर अधिक प्रभावी है और इस विषय में अभी वे शुरुआती दौर में ही हैं।
यह शोध एजिंग सेल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।