कोरोना संक्रमण का खतरा
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स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटेन के अस्पतालों में कोविड पॉजिटिविटी बढ़ी है और मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर में भी इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि 85 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की दर सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। कोविड के आंकड़े बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि XFG पहले के कोरोना वैरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। अभी उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई सबूत नहीं है। ये वैरिएंट पहले भी देखा गया है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसे ज्यादा जोखिमों वाला नहीं मानता है।
पॉजिटिविटी रेट और अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ी
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अस्पतालों में कोविड टेस्ट पॉजिटिव आने की दर 5.9% से बढ़कर 7% हो गई है। यानी अस्पताल में जांच कराने वाले लोगों में अब पहले की तुलना में ज्यादा लोगों में कोविड संक्रमण मिल रहा है।
- हर सप्ताह कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर भी बढ़ी है। यह प्रति एक लाख लोगों पर 0.81 से बढ़कर 1.20 हो गई है। यानी इसमें करीब 48% की बढ़ोतरी हुई है।
- सबसे ज्यादा बढ़ोतरी लंदन में दर्ज की गई। यहां कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर में करीब 79% का इजाफा हुआ।
- जिन कोविड पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई, उनमें आधे से ज्यादा में XFG वैरिएंट पाया गया। जीनोम सीक्वेंसिंग का मतलब वायरस के आनुवंशिक ढांचे की जांच करना है, जिससे पता चलता है कि संक्रमण किस वैरिएंट से हुआ है?
- मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 85 साल से अधिक उम्र के लोग अस्पताल में ज्यादा भर्ती हो रहे है। यह प्रति एक लाख लोगों पर 7.08 से बढ़कर 12.43 हो गई। खबरों के मुताबिक संक्रमण की वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।
कोरोना के कारण होने वाली दिक्कतें
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कोरोना के इस वैरिएंट के बारे में जानिए
एक्सएफजी, कोरोनावायरस (सार्स-सीओवी-2) का एक रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट है। रीकॉम्बिनेंट का मतलब है कि यह वायरस के दो अलग-अलग वैरिएंट के आनुवंशिक हिस्सों के आपस में मिलने से बना है।
- XFG ओमिक्रॉन वैरिएंट के LF.7 और LP.8.1.2 नाम के दो सब-वैरिएंट से बना है।
- XFG का मामला सबसे पहले 27 जनवरी 2025 का है। डब्ल्यूएचओ ने जून 2025 में इसे वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग श्रेणी में रखा था।
क्या हो रहे हैं संक्रमितों में लक्षण?
XFG से होने वाले संक्रमण के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। फिलहाल ज्यादातर लोगों में खांसी, बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, नाक बहने और थकान की समस्या हो रही है।
- कुछ लोगों को मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, पेट और आंत से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।
- कुछ मामलों में आंखों या छाती से जुड़ा संक्रमण भी हो सकता है।
- कुछ लोगों में अब भी संक्रमण के मामले एसिम्टोमैटिक यानी बिना किसी खास लक्षण वाले हो सकते हैं।
कोरोना का वैरिएंट कितना खतरनाक?
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क्या XFG गंभीर बीमारी का भी बनता है कारण?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ब्रिटेन में फैल रहा मौजूदा कोविड वैरिएंट्स पहले के वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा कर रहा है।
इम्युनिटी एंड इंफेक्शन बायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. मैथ्यू सिगिंस कहते हैं, ब्रिटेन में फिलहाल फैल रहे वैरिएंट से ज्यादा गंभीर बीमारी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि अधिक जोखिम वाले समूहों में कोविड अब भी गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है। बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में कोविड के गंभीर होने का खतरा अभी भी ज्यादा रहता है।
हालांकि, अभी की स्थिति की तुलना कोरोना महामारी के दौरान समस्याओं से नहीं की जा सकती है। ज्यादातर लोगों को कोविड की वैक्सीन लग चुकी है जिससे अब गंभीर बीमारी होने का जोखिम कम देखा जा रहा है।
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स्रोत:
American Covid’ strain sees resurgence in England as hospitalisations rise
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