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World Liver Day: 30 से कम उम्र वाले क्यों हो रहे हैं लिवर रोगों का शिकार? क्या पीलिया भी इसका लक्षण है

Sat, 19 Apr 2025 07:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

30 वर्ष से कम आयु के युवाओं में लिवर रोगों (जैसे फैटी लिवर, सिरोसिस) की बढ़ते मामले चिंताजनक हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देशों में अधिक देखी जा रही है, जहां जीवनशैली, आहार और मानसिक तनाव से संबंधित कारक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
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विश्व लिवर दिवस 2025 - फोटो : Adobe
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विस्तार
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लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। खून को साफ करने, पाचन को ठीक रखने से लेकर शरीर के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण कई प्रकार के हार्मोन्स के उत्पादन में लिवर की विशेष भूमिका होती है। हालांकि गड़बड़ लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित दिक्कतों के चलते लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ दशकों पहले तक लिवर की बीमारियों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था हालांकि अब 30 से कम आयु वालों को भी इसका शिकार पाया जा रहा है।

लिवर की बढ़ती बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इससे बचाव को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। आइए लिवर की बढ़ती समस्याओं के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों से समझते हैं। 

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कम उम्र में लिवर की बढ़ती समस्याएं - फोटो : Freepik.com
युवाओं में बढ़ती लिवर की बीमारियां

चेन्नई की एक प्रयोगशाला में जून 2024 से मार्च 2025 के बीच 10,000 से अधिक लोगों के पेट के स्कैन का विश्लेषण किया गया। उनमें से लगभग 30 प्रतिशत स्कैन में फैटी लिवर रोग के लक्षण दिखाई दिए। प्रभावित लोगों की औसत आयु 50 से कुछ कम थी, लेकिन जिस बात ने विशेषज्ञों का ध्यान सबसे ज्यादा आकर्षित किया वह ये है कि लिवर की बीमारियां चुपचाप 20-30 आयु वर्ग में भी बढ़ती जा रही हैं।

ग्रेड 2 वाले फैटी लिवर (लिवर में फैट की मध्यम स्तरीय मात्रा) के मामलों में, हर चार में से लगभग तीन मरीज पुरुष थे। 

लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. भार्गव शेखर बताते हैं, युवाओं में बढ़ती लिवर की बीमारियों की ये प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है, अच्छी बात है कि इसे रोका जा सकता है। फैटी लिवर रोग, खास तौर पर इसके शुरुआती चरणों में, अक्सर लक्षणों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। लेकिन अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस या यहां तक कि लिवर कैंसर का रूप भी ले सकता है। 

लिवर की समस्याओं से कैसे बचें?Liver - फोटो : Freepik.com

लिवर की बीमारियों के जोखिमों को जानिए

30 वर्ष से कम आयु के युवाओं में लिवर रोगों (जैसे फैटी लिवर, सिरोसिस) की बढ़ते मामले चिंताजनक हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देशों में अधिक देखी जा रही है, जहां जीवनशैली, आहार और मानसिक तनाव से संबंधित कारक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
  • अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 24 से 35 वर्ष के युवाओं में सिरोसिस (लिवर की गंभीर बीमारी) की घटनाएं अत्यधिक शराब सेवन से संबंधित हैं। 
  • इसी तरह बेंगलुरु के डॉक्टरों का मानना है कि 20 से 40 वर्ष की महिलाओं में नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के मामलों में पिछले दशक में 15% की वृद्धि हुई है। इसके मुख्य कारणों में गतिहीन जीवनशैली, अत्यधिक प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन और मोटापा हो सकता है।
  • व्यायाम की कमी और लंबे समय तक बैठे रहना भी लिवर की लिए समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है।

पीलिया और लिवर की बीमारियों का संबंध - फोटो : Freepik.com
क्या आपको भी अक्सर रहती है पीलिया की समस्या?

क्या आप जानते हैं कि लिवर की बीमारियों का अगर समय पर पता लगाकर इलाज करा लिया जाए तो गंभीर रोगों के खतरे से बचा जा सकता है?

हालांकि लिवर रोगों के कई ऐसे भी संकेत हैं जिनको हम समझ नहीं पाते हैं। बार-बार पीलिया होना भी लिवर की दिक्कतों की तरफ इशारा करता है। गुरुग्राम स्थित एक निजी अस्पताल में लिवर रोगों के डॉक्टर पवन रावल ने अमर उजाला को बताया कि पीलिया होना इस बात की तरफ इशारा है कि आपका लिवर पूरी तरह से ठीक नहीं है। 

लिवर में होने वाली समस्याओं के कारण बिलीरुबिन नामक पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्य रूप से बिलीरुबिन (लाल रक्त कोशिकाओं के ब्रेकडाउन से उत्पन्न अपशिष्ट उत्पाद) को हमारा लिवर प्रोसेस करता रहता है, हालांकि लिवर में होने वाली समस्याओं के चलते इसमें दिक्कत आ जाती है और बिलीरुबिन बढ़ जाता है। इसी वजह से आपको त्वचा और आंखों में पीलापन नजर आ सकता है।
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लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Adobe Stock
डॉ पवन बताते हैं, अक्सर पीलिया की समस्या बने रहना लिवर की दिक्कतों का एक मार्कर माना जा सकता है। यदि आपको भी ये समस्या बनी रहती है तो तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह लें। इसका समय पर इलाज करके आप लिवर की गंभीर दिक्कतों से बचे रह सकते हैं।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए सभी लोगों को कुछ और बातों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
  • सक्रिय जीवनशैली: रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूर करें।
  • स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन का सेवन करें।
  • शराब से दूरी बनाकर आप कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं।
  • वजन नियंत्रण में रखना भी जरूरी है। वजन बढ़ने से भी लिवर की समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है। 
  • 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं में लिवर रोगों की बढ़ती घटनाएं जीवनशैली, आहार और मानसिक तनाव से संबंधित हैं। इसमें सुधार बहुत आवश्यक है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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