लिवर की बढ़ती बीमारियों का क्या कारण है?
- फोटो : Freepik.com
लिवर की बीमारियों से कैसे बचें?
लिवर की बीमारी, इसके खतरे और बचाव के बारे में अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ सुरभि अस्थाना बताती हैं, अगर कम उम्र से ही आहार संबंधी आदतों में सुधार कर लिया जाए तो लिवर की बीमारियों के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। शहरी और ग्रामीण इलाकों, हर जगह पर लिवर रोगों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, इससे बचाव के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार लेना सबसे अच्छा तरीका है।
डॉक्टर ने कहा कि लिवर की बीमारी अब सिर्फ शराब के कारण होने वाली समस्या तक सीमित नहीं हैं। नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) जैसे मामले उन लोगों में हो रहे हैं जो शराब नहीं पीते हैं। अस्वास्थ्यकर खान-पान, मोटापे और व्यायाम की कमी इसकी मुख्य वजह है।
लिवर की समस्याओं से कैसे बचें?
- फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?
लिवर की बीमारी और इसके खतरे को लेकर किए गए एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में भी शोधकर्ताओं ने बताया कि लिवर को स्वस्थ रखने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने लिवर को स्वस्थ रखने के तरीकों के बारे में बताया।
यूके बायोबैंक में 1.21 लाख से अधिक प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन्होंने एंटी-इंफ्लेमेटरी आहार का सेवन किया उनमें क्रोनिक लीवर रोग होने का खतरा 16 प्रतिशत कम था। आहार में हरी सब्जियों-फलों और नट्स की मात्रा को बढ़ाकर आप लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।
लिवर की सेहत को कैसे सुधारें?
- फोटो : Adobe Stock
जीवनशैली में भी करें सुधार
डॉ सुरभि कहती हैं, केवल आहार में बदलाव और पोषण में सुधार करके लिवर रोगों के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। आहार में हेल्दी चीजों को शामिल करना, शराब और प्रोसेस्ड आहार से दूरी बनाना और दिनचर्या में नियमित रूप से व्यायाम की आदत को शामिल करने से लिवर को होने वाली क्षति को रिवर्स भी किया जा सकता है।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।