‘सेलेस्टियल बॉडीज’ (सांकेतिक)
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‘सेलेस्टियल बॉडीज’ की कहानी
‘सेलेस्टियल बॉडीज’ की कहानी ओमान के एक गांव अल-अवाफी में प्रारंभ होती है। यह एक रेगिस्तानी देश ओमान की तीन बहनों की कहानी है। मय्या, आसमा तथा खावला तीन बहनें हैं। मय्या का दिल टूटता है इसके बाद वह एक रईस परिवार में शादी करती है। आसमा कर्तव्य पालन के लिए शादी करती है और खावला एक ऐसे आदमी का इंतजार कर रही है जो कनाडा में प्रवासी है।
बहनों के साथ-साथ यह इस रेगिस्तानी देश की भी कहानी है, जो दासता के अपने इतिहास से उबर कर आधुनिक जटिल दुनिया के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उपन्यास लोगों के जीवन के विभिन्न अंगों, प्रेम एवं हानियों के द्वारा इस समाज के बारे में बताता है। इसके समस्त स्तरों के लोगों, वहां काम करने वाले दास परिवारों के अत्यंत गरीब लोगों के और जो ओमान तथा मस्कट में पैसा बनाने आए हैं, उन अमीर लोगों के बारे में बताता है।
यह उपन्यास एक कमरे में शुरू होता है और एक दुनिया में समाप्त होता है। इंग्लिश में हम सामान्यत: जिन आदर्शों तथा विचारों एवं अनुभवों को नहीं पाते हैं, ऐसी बातों के बारे में इससे पता चलता है। अपने जेंडर, नस्ल तथा सामाजिक भिन्नता और दासता के विश्लेषण में यह प्रत्येक उस स्टीरियोटाइप को झुठलाता है जिनकी हम अपेक्षा करते हैं। यह आद्योपांत चकित करता है। पाठक इसके प्रेम में पढ़ जाता है।
मार्सिया लिंक्स क्वाले ने अपनी समीक्षा में लिखा है कि यह जटिल किताब ओमान के एक परिवार की तीन पीढ़ियों की 1880 से आज तक की कहानी है। प्रत्येक चरित्र- स्त्री या पुरुष, दास या स्वतंत्र खुद को फंसा हुआ पाता है, किसी-न-किसी तरह, इतिहास द्वारा जैसे उनके चारों ओर ओमान खुद परिवर्तित हो रहा है। उपन्यास ओमान के परम्परागत तथा आधुनिक जीवन का आकर्षक चित्र प्रस्तुत करता है।
एक चित्र देखिए-
‘जब वह और उसकी मां ओमान के पूर्वी तट पर पहुंचीं उन्हें बेच दिया गया। दास व्यापारियों ने उन्हें दूसरे दास व्यापारियों को बेच दिया, जब तक कि अंत में व्यापारी सुलेमान ने उन्हें नहीं खरीदा। हबीब की मां बरसों रोई।’ एक अन्य उदाहरण, ‘माया, प्रेम क्या है, क्या इसका तुमको कोई अहसास नहीं था?
क्या तुमने कुछ अनुभव नहीं किया कि मैं किस स्थिति से गुजर रहा था, जब मैं तुम्हारे पैतृक घर का काबा का चक्कर लगाते तीर्थयात्री की तरह एक बार, दो बार, सात बार चक्कर लगा रहा था? कभी भी घर मेरे पैशन को समाने के लिए काफी हो सकता है? माया, तब कैसे सिलाई मशीन पर झुकी तुम्हारी निगाहें प्रेम के मेरे विशाल और छटपटाते विस्तार तथा मेरे कैद स्व को कभी न देख सकीं?’
अब तो इस उपन्यास का अनुवाद जर्मन, इटैलियन, कोरियन, सर्बियन आदि अनेक भाषाओं में भी हो चुका है। उपन्यासकार आशा करती है कि अंतरराष्ट्रीय पाठकों को यह जानने में सहायता देगा कि ओमान में सक्रिय और प्रतिभावान लेखकों का एक समुदाय रहता है और जो अपनी कला के लिए काम करता है।
‘सेलेस्टियल बॉडीज’ दिखाता है कि अरब दुनिया में किस प्रकार का लेखन हो रहा है, ओमान जैसे देश में भी जो कम शिक्षित देश है। ये किताबें उस सीमा का विस्तार करती हैं जो बताती हैं कि क्या सोचा और कहा जा सकता है। हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में इसका अनुवाद आना चाहिए।
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