बच्चों में हृदय रोग का खतरा
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दिल में छेद होने की समस्या
दिल में छेद होने की समस्या को मेडिकल की भाषा में वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) के नाम से जाना जाता है। ये एक जन्मजात दोष है जिसके कारण हृदय के लोवर चैंबर (निचले कक्षों) के बीच असामान्य रूप से ओपनिंग (सामान्य बोलचाल की भाषा में छेद) हो जाती है। यह शिशुओं में सबसे आम हृदय दोष है।
वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट के कारण ऑक्सीजन युक्त रक्त का संचार शरीर के बाकी हिस्सों में होने के साथ छेद के कारण फेफड़ों में भी वापस आने लग जाता है। डॉक्टर कहते हैं, कई बार छोटे आकार के छेद की समस्या अपने आप ठीक हो जाती हैं। हालांकि अगर इसका आकार बड़ा है और इसके कारण गंभीर समस्याएं होने लगे तो डॉक्टर सर्जरी करने की सलाह दे सकते हैं।
हार्ट की समस्याओं के बारे में जानिए
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दिल में छेद होने के क्या कारण हैं?
डॉक्टर बताते हैं, दिल में छेद की समस्या गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिल विकसित होने के समय होता है। जब हार्ट को बाएं और दाएं हिस्सों में बांटने वाली मांसपेशियां पूरी तरह से नहीं बन पाती हैं, तो इसके कारण स्वाभाविक रूप से एक गैप बन जाता है। इस गैप या छेद का आकार अलग-अलग हो सकता है।
डॉ नरेंद्र कहते हैं, इस तरह की दिक्कत के क्या कारण हैं ये बहुत स्पष्ट नही हैं। पर कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के आनुवंशिकी और पर्यावरणीय कारक इसमें भूमिका निभा सकते हैं। वीएसडी की दिक्कत अकेले या फिर हृदय की अन्य कुछ समस्याओं के साथ भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट के कारण कई बार हार्ट अटैक और हृदय से संबंधित कुछ अन्य प्रकार की दिक्कतों को खतरा हो सकता है।
वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष (वीएसडी) की समस्या
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कहीं आपके बच्चे को भी तो नहीं है ये दिक्कत?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी माता-पिता को जन्म के बाद एक बार बच्चों के हार्ट की जांच जरूर करानी चाहिए। जन्मजात हृदय दोष के लक्षण आमतौर पर जन्म के पहले कुछ हफ्तों या महीनों के दौरान ही दिखाई दे जाते हैं। वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष (वीएसडी) के लक्षण छेद के आकार और किसी अन्य हृदय समस्या होने पर निर्भर करते हैं। अगर आपके बच्चे को भी इस तरह की कोई समस्या हो रही है तो तुरंत किसी विशेषज्ञ की सलाह ले लें।
- तेजी से सांस लेना या सांस फूलना
- घरघराहट की आवाज आना, स्टेथोस्कोप से ये समस्या और स्पष्ट होती है।
- हार्ट बीट बहुत ज्यादा या कम होना।
- अक्सर थकान या कमजोरी महसूस होते रहना।
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ऐसे बच्चों में होता है ज्यादा जोखिम
वैसे तो दिल में छेद होने का खतरा किसी भी बच्चे को हो सकता है पर कुछ बच्चों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
जिन बच्चों का जन्म समय से पहले हो जाता है या फिर डाउन सिंड्रोम और अन्य आनुवंशिक स्थितियों की समस्या है उनमें वेंट्रिकुलर डिफेक्ट होने का जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है। इतना ही नहीं वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट के साथ पैदा हुए बच्चों में कई और दिकक्तें (जैसे एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट, डबल आउटलेट सिंड्रोम) होने का भी खतरा अधिक रहता है, इसलिए जरूरी हो जाता है कि बच्चे की एक बार अच्छे से जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह ले लें।
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स्रोत और संदर्भ
About Ventricular Septal Defect
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