धमनियों में प्लाक बनने की समस्या
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धमनियों में प्लाक बनने के दुष्प्रभाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिस तरह से हमारी जीवनशैली में नकारात्मक बदलाव आया है, उसने धमनियों में प्लाक बनने की समस्या को काफी बढ़ा दिया है। धूम्रपान, शराब और शारीरिक निष्क्रियता जैसी आदतें दिल की बीमारियों के जोखिम को और भी बढ़ा देती हैं।
धमनियों में प्लाक बनने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई कारणों को जिम्मेदार मानते हैं। जो लोग सेचुरेटेड और ट्रांस फैट वाली चीजें (जैसे तली-भुनी और प्रोसेस्ड फूड्स) अधिक खाते हैं उनमें प्लाक बनने का खतरा रहता है। इन सबके साथ अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है तो इससे धमनियों पर दबाव अधिक हो जाता है जिससे धमनियों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और इसके फटने का खतरा हो सकता है।
आपकी भी तो नहीं हैं ऐसी गड़बड़ आदतें?
कुछ गड़बड़ आदतें प्लाक बनने के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। सिगरेट में मौजूद निकोटीन और टार रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और धमनियों को संकीर्ण कर देते हैं। इसी तरह अधिक शराब का सेवन लिवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जिससे धमनियों से रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है।
अध्ययनों से पता चलता है अधिक वजन या मोटापे के शिकार लोगों में इंसुलिन प्रतिरोध का जोखिम भी अधिक होता हैजो धमनियों में प्लाक जमा होने के खतरे को बढ़ा देती है।
हृदय रोगों से बचाव कैसे करें?
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धमनियों में प्लाक के निर्माण को रोकने के उपाय
अगर हम सभी नियमित रूप से बस इन चार बातों को ध्यान में रखें तो हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- धमनियों में संकुचन की समस्या को रोकने के लिए धूम्रपान बिल्कुल बंद कर दें। हृदय के स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान बेहद खतरनाक हो सकता है।
- आहार पर विशेष ध्यान दें। भोजन में हेल्दी फैट वाली चीजें जैसे देसी घी, बादाम, अखरोट, मछली आदि को शामिल करें। तले-भुने चीजों का सेवन कम करें।
- फाइबर युक्त आहार जैसे मकई, गेहूं के खाद्य पदार्थ, जई, दाल, सब्जियां और बीन्स को भोजन में शामिल करें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें। योग और प्राणायाम से काफी लाभ मिल सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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