देश- दुनिया में कोरोना वायरस महामारी बनकर सामने आई है। दुनिया में इस समय कोरोना से मरने वालों की संख्या चार लाख से अधिक हो चुकी है। भारत में भी लगातार कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। भारत में रोज हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं और अब कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है।
अब तक भारत में कोरोना से कुल 14476 मौतें हो चुकी हैं। बुधवार को भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसके अनुसार भारत के लिए कोरोना से बड़ी समस्या ये बीमारी है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में जो भारत के लिए कोरोना से भी खतरनाक साबित हो रही है...
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भारत में टीबी की बीमारी से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
टीबी की बीमारी भारत के लिए ज्यादा खतरनाक
भारत में टीबी की बीमारी कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत में टीबी की बीमारी से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल टीबी के मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो भारत के स्वास्थ्य के नजर से अच्छी खबर नहीं है।
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2019 में भारत में टीबी के मरीजों का आंकड़ा 24 लाख के करीब था- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
2019 में आंकड़ा 24 लाख
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल यानी 2019 में भारत में टीबी के मरीजों का आंकड़ा 24 लाख के करीब था। साल 2019 में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 79,000 के आसपास रही। हालांकि ये आंकड़ा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुमान से कम है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भारत में टीबी से मरने वालों की संख्या का अनुमान इससे अधिक लगाया था।
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भारत में पिछले साल 24 लाख मामले सामने आए- सांकेतिक तस्वीर
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भारत में लगातार बढ़ रहे हैं टीबी के मामले
भारत में पिछले साल 24 लाख मामले सामने आए, जो कि 2018 से 11 प्रतिशत अधिक हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने पिछले साल भारत में करीबन 26.9 लाख टीबी के मरीजों का अनुमान लगाया था।
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प्राइवेट अस्पतालों द्वारा 6.8 लाख टीबी के मरीजों का अनुमान लगाया गया है- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
प्राइवेट अस्पतालों में भी बढ़ें टीबी के मामले
प्राइवेट अस्पतालों में भी 2018 की तुलना में टीबी के मरीजों में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले साल प्राइवेट अस्पतालों द्वारा 6.8 लाख टीबी के मरीजों का अनुमान लगाया गया है।
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साल 2018 की तुलना में 2019 में टीबी की बीमारी से सही होने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है- सांकेतिक तस्वीर
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टीबी की बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में भी हुई है बढ़ोतरी
इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 की तुलना में 2019 में टीबी की बीमारी से सही होने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल 81 प्रतिशत मरीज टीबी की बीमारी से जंग जीतने में कामयाब रहे। 2018 में ये आंकड़ा 61 प्रतिशत था।
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एचआईवी जांच में भी इजाफा देखने को मिला है- सांकेतिक तस्वीर
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एचआईवी टेस्ट में भी हुआ इजाफा
टीबी के मरीजों की एचआईवी जांच में भी इजाफा देखने को मिला है। साल 2018 में जहां सिर्फ 67 प्रतिशत टीबी के मरीजों की एचआईवी जांच हुई थी, वहीं साल 2019 में ये आंकड़ा 81 प्रतिशत तक पहुंचा है।
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भारत में टीबी के मरीजों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है- सांकेतिक तस्वीर
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सबसे ज्यादा मरीज इन राज्यों में
भारत में टीबी के आधे से अधिक मरीज सिर्फ इन पांच राज्यों में पाए गए हैं।
उत्तरप्रदेश- 20 प्रतिशत मरीज
महाराष्ट्र- 9 प्रतिशत मरीज
मध्य प्रेदश- 8 प्रतिशत मरीज
राजस्थान- 7 प्रतिशत मरीज
बिहार- 7 प्रतिशत मरीज
ये आंकड़े साल 2019 के हैं।
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डॉ हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
2025 तक हरा देंगे टीबी को
भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॅा हर्षवर्धन का कहना है कि 2025 तक देश टीबी मुक्त हो जाएगा। इस गोल को पूरा करने के लिए जो प्रोग्राम चलाया जा रहा था, उसका नाम नेशनल ट्यूबरक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम की जगह पर नेशनल ट्यूबरक्लोसिस ऐलीमेशन प्रोग्राम कर दिया गया है।
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हर साल टीबी के मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है- सांकेतिक तस्वीर
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ये राज्य टीबी से लड़ने में सक्षम
इस रिपोर्ट के अनुसार टीबी से सबसे बेहतर लड़ने में 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में गुजरात, आंध्रप्रदेश और हिमाचल प्रदेश हैं। इन राज्यों में टीबी के सबसे कम मामले देखने को मिलते हैं। वहीं 50 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों में त्रिपुरा और नागालैंड में सबसे कम मामले देखने को मिलते हैं। केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव में सबसे कम मामले देखने को मिलते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का कहना है कि हमें मिलकर टीबी को हराना होगा। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि प्राईवेट अस्पताल भी इस बीमारी से लड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।