कीटनाशकों का ब्रेन हेल्थ पर असर
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कीटनाशकों का इस्तेमाल, सेहत के लिए खतरा
हालिया अध्ययन की सबसे अहम बात यह है कि इसमें पाया गया कि जो लोग अपने काम के दौरान लंबे समय तक कीटनाशकों के संपर्क में रहते हैं, उनमें एएलएस होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। खासकर किसान, खेतों में दवा छिड़कने वाले मजदूर और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसके जोखिमों को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी बरतते रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों की टीम ने कहा, फलों, सब्जियों और दूसरी फसलों पर छिड़के जाने वाले कीटनाशकों के संपर्क में आना मोटर न्यूरॉन डिजीज, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस का खतरा 70 फीसदी तक बढ़ाने वाला हो सकता है।
- इसका असर इतना गंभीर हो सकता है कि मरीज की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
- समय के साथ चलने-फिरने, बोलने में कठिनाई आती है और कई बार सोचने-समझने व व्यवहार में भी बदलाव दिखाई देने लगते हैं।
- धीरे-धीरे मरीज अपनी रोजमर्रा की आदतों पर कंट्रोल खोने लगता है।
मोटर न्यूरॉन डिजीज का खतरा
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एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस हो सकता है बेहद खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं कि एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस के शिकार लगभग 20 प्रतिशत मरीज ही पांच साल या उससे अधिक समय तक जीवित रह पाते हैं। कई मरीजों में बीमारी के बाद जीवनकाल दो साल तक का ही हो सकता है।
वैज्ञानिक अभी तक इस बीमारी की सटीक वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। हालांकि कनाडा के क्यूबेक स्थित रॉबर्ट सॉवे इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च के वैज्ञानिकों ने अब इस दिशा में बड़ी जानकारी दी है।
- शोधकर्ताओं ने लगभग 800 अध्ययनों की समीक्षा की। इनमें एएलएस या अन्य प्रकार की मोटर न्यूरॉन डिजीज से जुड़े 2,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
- विश्लेषण में पाया गया कि जिन लोगों का अपने कार्यस्थल पर कीटनाशकों से संपर्क रहा, उनमें एएलएस होने का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक था।
गौरतलब है कि ये कोई पहली बार नहीं है जब वैज्ञानिकों ने कीटनाशकों के कारण होने वाले खतरे को लेकर अलर्ट किया है। इससे पहले ब्रिटेन में क्लोरपाइरीफॉस नामक कीटनाशक पर 2016 में प्रतिबंध लगा दिया गया था। अध्ययन में प्रमाण मिले थे कि यह गर्भ में पल रहे शिशु और छोटे बच्चों के मस्तिष्क के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी तरह पैराक्वाट नामक खरपतवारनाशक पर भी कई देशों में प्रतिबंध लगाया गया, क्योंकि इससे पार्किंसन रोग के मामलों के बढ़ने की आशंका जताई गई थी।
कीटनाशकों से होने वाले नुकसान
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
इंग्लैंड स्थित शेफील्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड पॉपुलेशन हेल्थ में क्लिनिकल लेक्चरर डॉ. जोनाथन कूपर-नॉक कहते हैं, इस अध्ययन की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें 11 अलग-अलग अध्ययनों और 2,000 से ज्यादा मोटर न्यूरॉन डिजीज मरीजों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इसलिए इसके निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह पुराने आंकड़ों पर आधारित अध्ययन है, जिसमें कीटनाशकों के संपर्क का प्रत्यक्ष तरीके से मापन नहीं किया गया है। इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि बीमारी का कारण केवल कीटनाशक ही हैं या फिर कोई दूसरा ऐसा कारक भी हो सकता है।
हालांकि फिर भी ये चिंता का विषय है कि दुनियाभर में कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है और हम जाने-अनजाने इससे होने वाले जोखिमों की चपेट में आते जा रहे हैं।
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स्रोत:
Occupational exposure to pesticides increases the risk of amyotrophic lateral sclerosis: a systematic review and meta-analysis
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