सर्दी, फ्लू, बुखार, सीने में जलन, एलर्जी और नींद की समस्या से राहत पाने के लिए एंटी-कोलीनर्जिक युक्त गोलियों के सेवन का चलन काफी तेजी से बढ़ा है, जो हमारे दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है।
हालिया शोध में खुलासा हुआ है कि एंटी-कोलीनर्जिक युक्त गोलियां और नींद की गोली लेने से याददाश्त के साथ ही सोचने समझने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो जाती है।
मस्तिष्क बेहद धीमी गति से काम करने लगता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन गोलियों के सेवन से एसेटिलकोलाइन नामक केमिकल ब्लॉक हो जाता है।
जामा न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक एसेटिलकोलाइन का स्तर कम होने से लोग डिमेंशिया समेत अन्य दिमागी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इन दवाओं को लेने के एक महीने बाद असर दिखता है।