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'फूड सप्लीमेंट खाऊं या न खाऊं', आप इस उलझन में तो नहीं?

Wed, 26 Jun 2013 04:30 PM IST
तोयज कुमार सिंह
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बॉडी बनाने की कोशिशों के बावजूद भी अगर आपके दिल में यह कसक रह जाती है कि फूड सप्लीमेंट को खाएं या न खाएं तो हमारा जवाब है कि खा लें। ये कोई बुरी चीज नहीं होती। बुरी होती है उसकी क्वालिटी, बुरा होता है उसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, बुरे होते हैं फूड सप्लीमेंट के उल्टे-सीधे कॉम्बिनेशन और बुरा होता है हिदायतों को नजरअंदाज करना।
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वक्त के साथ बॉडी बिल्डिंग के विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है। कम समय लगाकर या कम खाकर भी शरीर को उसकी जरूरत की हर चीज मुहैया कराने की कड़ी में फूड सप्लीमेंट ईजाद हुआ। दरअसल इस भागदौड़ भरी जिंदगी में वाजिब खानपान को जुटाना काफी मुश्किल होता है। जो लोग कॉलेज या ऑफिस वगैरह जाते हैं उन्हें शरीर बनाने के लिए सप्लीमेंट्स की जरूरत पड़ जाती है।
 
इन प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते वक्त एक बात जरूर ध्यान रखें कि ये फूड सप्लीमेंट हैं और कभी भी मुख्य भोजन नहीं बन सकते। खाना-पीना छोड़कर इनके पीछे भागेंगे तो पैसे, वक्त और शरीर की बर्बादी होगी। इसके साथ ही एक बात गांठ बांध लें - सस्ते के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ न करें। अगर प्रोटीन पाउडर सूट नहीं कर रहा तो तुरंत उसे खाना छोड़ दें। सही तरीका यह है कि आप अपने ट्रेनर से पहले इस बारे में जान लें िककि आपकी जरूरत के िहहिसाब से क्या ठीक है और क्या नहीं।
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कौन सा अच्छा
‘व्हे’ प्रोटीन बढ़िया है और महंगा भी। अगर बजट से बाहर जा रहा है तो एग (अंडा) प्रोटीन भी ले सकते हैं। ये सस्ता होता है और अच्छा भी। ध्यान रहे कि सप्लीमेंट सालों-साल खाने वाली चीज नहीं है। एक बार आपने टारगेट छू लिया तो फिर थोड़े दिन शरीर और पेट को आराम दें।

पूरी कीमत वसूल करें
पहली बात तो ये कि जिस दिन जिम न जाएं उस दिन प्रोटीन पाउडर या गेनर को तय डाइट से आधा लें। प्रोटीन से सबसे ज्यादा फायदा हासिल करने के लिए उसे पूरे खाने में तब्दील कर दें जैसे केले, चीनी, दूध, मक्खन, ड्राई फ्रूट्स वगैरह डालकर उसका शेक बना लें।

ये पेट में काफी देर तक टिका रहा है। इसे आप ठंडे दूध में भी ले सकते हैं। अगर लीन बॉडी चाहिए तो टोंड दूध का इस्तेमाल करें वरना फुल क्रीम वाले दूध के साथ लें। जूस में भी ले सकते हैं। इसके अलावा खाली पेट प्रोटीन पाउडर न पिएं।

कितना खाएं
हर डिब्बे पर इसके बारे में लिखा होता है। वैसे ठीक-ठाक कदकाठी वाला शख्स एक माह में दो किलो का डिब्बा निपटा देता है। बहुत कम कम खाएंगे तो रिजल्ट कैसे दिखेगा।

इनसे बचकर रहें
ऐसे पाउडरों को इस्तेमाल करने से परहेज करें तो बड़ी तेजी से मोटापा बढ़ाते हों। चेहरे पर सूजन सी आ जाए या ढेरों मुंहासे आने लगें तो सावधान हो जाएं। या तो वो पाउडर आपको सूट नहीं कर रहा या फिर उसकी क्वालिटी ही घटिया है। कुछ लोग पाउडर में ऊटपटांग गोलियां पीस कर डाले रहते हैं। दिमाग का इस्तेमाल करते हुए खरीदें।
 
अक्सर ऐसा देखने में आया है कि जिन प्रोटीन पाउडरों की क्वालिटी ठीक नहीं होती उनमें पानी या दूध डालने पर ढेर सारे छोटे-छोटे डले बन जाते हैं, वो आसानी से ठीक से मिक्स नहीं हो पाते। इसके अलावा बहुत ज्यादा चिकने या बहुत ज्यादा भुरभुरे सप्लीमेंट पर भी शक किया करें।
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