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New Pandamic: कोविड-19 से कई गुना खतरनाक वायरस का तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण, क्या आने वाली है एक और महामारी?

Wed, 29 Jan 2025 06:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एच5एन1 कोई नया वायरस है या फिर पहली बार इसको लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं, हालांकि जिस तरह से ये मु्र्गियों को अलावा, गायों सहित अन्य जानवरों को संक्रमित कर रहा है वह निश्चित ही चिंताजनक है। इंसानों में  एच5एन1 के मामले काफी दुर्लभ माने जाते रहे हैं हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ये न वायरस सिर्फ मनुष्यों में फैल रहा है बल्कि इसकी मृत्युदर भी काफी अधिक बताई जाती है।
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एच5एन1 वायरस के संक्रमण को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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साल 2024 के आखिरी महीनों में चीन-भारत सहित दुनिया के कई देशों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि इस साल की शरुआत में इस संक्रामक रोग का प्रकोप काफी कम हो गया है। एचएमपीवी और इसके नए म्यूटेशनों को वैज्ञानिक अभी ठीक से समझने की कोशिश ही कर रहे थे कि कई देशों में एच5एन1 वायरस के मामले बढ़ने की खबरों ने एक नई चिंता खड़ी कर दी।

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 (HMPV के बाद अब इस वायरस से टेंशन में दुनिया)

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि वैज्ञानिकों ने एच5एन1 वायरस के एक स्ट्रेन में 9 से अधिक म्यूटेशंस की जानकारी दी है, जो इसकी संक्रामकता और संक्रमण के कारण होने वाली जटिलताओं, दोनों को बढ़ाने वाला हो सकता है। इसी महीने संक्रमित मुर्गियों के संपर्क में आने के बाद अमेरिका में पहली मौत की खबर ने और भी डर बढ़ा दिया है।
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एच5एन1 जिसे बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है, सामान्यतौर पर इसके मनुष्यों में संक्रमण के मामलों को काफी दुलर्भ माना जाता रहा है। 

बर्ड फ्लू का खतरा - फोटो : Freepik.com
किन देशों में बढ़ रहा है संक्रमण?

ऐसा नहीं है कि एच5एन1 कोई नया वायरस है या फिर पहली बार इसको लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं, फिर भी जिस तरह से ये मुर्गियों के अलावा, गायों सहित अन्य जानवरों को संक्रमित कर रहा है वह निश्चित ही चिंताजनक है। इंसानों में  एच5एन1 के मामले काफी दुर्लभ माने जाते रहे हैं हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ये वायरस न सिर्फ मनुष्यों में फैल रहा है बल्कि इसकी मृत्युदर भी काफी अधिक बताई जाती है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइल में बर्ड फ्लू  के मामलों में उछाल आया है। इसके अलावा जॉर्जिया के कई पोल्ट्री फॉर्म्स में इस अत्यधिक संक्रामक वायरस की पुष्टि की गई है। जॉर्जिया कृषि विभाग ने इसको लेकर जानकारी साझा करते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। अमेरिका के कई हिस्सों में भी एच5एन1 के नए स्ट्रेन मिलने की खबर है।

कोरोना से भी खतरनाक वायरस - फोटो : PTI
कोविड से 100 गुना अधिक संक्रामक और खतरनाक हो सकता है ये वायरस

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बर्ड फ्लू के संभावित रूप से तीव्र प्रसार को लेकर चिंता व्यक्त की है, इसके कारण बड़ी संख्या में मौतों की भी आशंका जताई जा रही है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोविड-19 से 100 गुना अधिक संक्रामक और खतरनाक हो सकता है।

हाल ही में बर्ड फ्लू के नए म्यूटेशनों को लेकर एक ब्रीफिंग के दौरान 'नई महामारी की आशंका' के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, वायरस एक ऐसे बिंदु के करीब पहुंच रहा है जहां यह दुनियाभर में महामारी ला सकता है। पिट्सबर्ग में जाने-माने बर्ड फ्लू विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुचिपुड़ी ने चेतावनी दी है कि एच5एन1 अब इंसानों के लिए भी खतरा बढ़ाता जा रहा है। 

बर्ड फ्लू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
क्यों इतना खतरनाक हो गया है ये वायरस

टेक्सास बायोमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने दुनियाभर में बढ़ रहे बर्ड फ्लू संक्रमण के जोखिमों और कारणों को लेकर शोध किया। अध्ययन के निष्कर्ष में टीम ने बताया कि बर्ड फ्लू पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण बनकर उभरता देखा जा रहा है। चूहों पर किए गए अध्ययन के बाद पाया गया है कि वायरस में हुए नए म्यूटेशन मानव कोशिकाओं में प्रतिकृति बनाने यानी (तेजी से बढ़ने) में सक्षम हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि पिछले कुछ महीनों में मवेशियों और कच्चे दूध में बर्ड फ्लू का पता चला था, ये स्ट्रेन उससे अलग है। 
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गायों में देखा गया बर्ड फ्लू का संक्रमण - फोटो : Freepik
गायों में संक्रमण और दूध में पाया गया था वायरस

हाल के महीनों में अमेरिका में कुछ हिस्सों में मवेशियों में बर्ड फ्लू (एच5एन1) संक्रमण के मामले सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया था। सीडीसी ने कहा था कि ये पहली बार है कि जब ये वायरस गायों में पाया गया है। इसके बाद ये गाय से इंसान में भी फैला था।

पिछले साल जून में भारत में भी एच5एन1 वायरस के मामले बढ़ने को लेकर अलर्ट किया गया था। केंद्र सरकार ने एवियन इन्फ्लूएंजा को लेकर एक एडवाइजरी जारी करते हुए चार राज्यों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी थी। प्रभावित राज्य आंध्र प्रदेश (नेल्लोर जिला), महाराष्ट्र (नागपुर जिला), झारखंड (रांची जिला) और केरल (अलपुझा, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिले) थे। केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) पक्षियों या मुर्गियों में किसी भी असामान्य मृत्यु पर नजर रखें। इसके साथ ही सभी लोगों को इनके निकट संपर्क में आने से बचना जरूरी है। 


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स्रोत और संदर्भ
Replication kinetics, pathogenicity and virus-induced cellular responses of cattle-origin influenza A(H5N1) isolates from Texas, United States


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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