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Coronavirus New Drug: 'कोरोनाविर' के नाम से आ गई कोरोना की नई दवा, वायरस को ऐसे रोकेगी

Sat, 11 Jul 2020 02:08 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस का संक्रमण दुनियाभर में तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस समेत दुनिया के कई देश इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हैं। भारत समेत कई देशों के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने को लेकर शोधरत हैं। वहीं दूसरी ओर इसकी दवा तैयार करने में भी दुनियाभर की कई कंपनियां लगी हुई है। हालांकि अबतक इसका कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है। पहले से उपलब्ध कुछ दवाओं का इस्तेमाल कोरोना के इलाज में किया जा रहा है। वहीं, पिछले दिनों फैबिफ्लू, डेक्सामेथासोन जैसी कुछ दवाओं को भी डॉक्टरों की निगरानी में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है। अब कोरोना की एक नई दवा सामने आई है, जो मरीज के शरीर में कोरोना वायरस को संख्या बढ़ाने से रोकेगी। आइए जानते हैं इस दवा के बारे में: 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • रूस की फार्मा कंपनी आर-फार्मा(Russia Pharm) ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए नई दवा तैयार की है। यह नई दवा एंटीवायरल है, जिसका नाम कोरोनाविर(Coronavir) रखा गया है। क्लीनिकल ट्रायल यानी नैदानिक परीक्षण के बाद इस दवा को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है।
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • आर-फार्मा(Russia Pharm) कंपनी का दावा है कि कोरोना के मरीजों पर यह दवा बेहतर असर करती है। कोरोनाविर नाम की यह दवा वायरस का रेप्लिलेशन रोकती है यानी कि यह दवा वायरस को संख्या बढ़ाने से रोकती है। मालूम हो कि इंसान के शरीर में प्रवेश करने के बाद कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है। दवा उसे ऐसा करने से रोकती है। 

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Coronavirus - फोटो : Pixabay
कोरोना की जड़ पर वार करती है 'कोरोनाविर'
  • रूस की इस कंपनी का दावा है कि 'कोरोनाविर' देश की पहली ऐसी दवा है, जो कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह कारगर है। दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इसके संक्रमण की रफ्तार रोकने को तमाम तरह के उपाय हो रहे हैं, लेकिन इस समस्या की जड़ तो कोरोना वायरस ही है। संक्रमित मरीजों के शरीर में जाने के बाद यह दवा कोरोना की संख्या को बढ़ने से रोक देती है।
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
ट्रायल के दौरान 55 फीसदी ज्यादा सुधार 
  • रशियन फार्मा कम्पनी आर-फार्म के मुताबिक, क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इस दवा के शानदार परिणाम आए हैं। ट्रायल के दौरान कोरोनाविर ले रहे और दूसरी थेरेपी या दवा ले रहे कोरोना के मरीजों की तुलना की गई। इस दौरान सामने आया कि दूसरी दवा और थेरेपी के मुकाबले कोरोनाविर लेने वाले मरीजों में 55 फीसदी अधिक सुधार हुआ। 
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Coronavirus - फोटो : Pixabay
सीधे वायरस का खात्मा
  • कंपनी का दावा है कि पहले से उपलब्ध दवाएं कोरोना के लक्षणों का इलाज करती हैं, लेकिन कोरोनाविर दवा कोविड-19 के लक्षणों पर फोकस करने की जगह सीधे वायरस को टारगेट करती है। मरीजों को यह दवा देने पर 14 दिन बाद हुए असर का आकलन किया गया। क्लीनिकल ट्रायल में सामने आया कि कोरोनाविर देने के पांचवे दिन 77.5 फीसदी मरीजों में कोरोना वायरस खत्म हो चुका था।  
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Research - फोटो : Pixabay
मई में हुआ था ट्रायल
  • रूस के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी प्रमुख तात्यान रायजेनत्सोवा के मुताबिक, दवा का ट्रायल मई में शुरू हुआ था और इससे यह अब तक 110 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। हालांकि दवा के शोध की रिपोर्ट किसी हेल्थ रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुई है या नहीं, इस बारे में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

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Research - फोटो : Pixabay
तेजी से फैल रहे संक्रमण को रोकती है दवा
  • मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आर-फार्म के मेडिकल निदेशक डॉ. मिखायल सोमसोनोव ने कहा है कि इस दवा का कई देशों में क्लीनिकल ट्रायल हुआ है, जिसमें ये साबित हुआ है कि कोरोनाविर वायरस के रेप्लिकेशन और तेजी से फैल रहे संक्रमण को रोकती है। 

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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • मालूम हो कि इससे पहले भारतीय बाजार में कोरोना संक्रमण के इलाज (Coronavirus treatment) के लिए दवा मौजूद है। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स कंपनी (Glenmark Pharmaceuticals) ने एंटीवायरल दवा फेविपिराविर (Favipiravir) को अपग्रेड कर फैबिफ्लू (FabiFlu) नाम से यह दवा बाजार में उतारा है। यह दवा कोरोना के शुरुआती मरीजों के इलाज के लिए कारगर बताई जा रही है। 

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • कंपनी के मुताबिक, कोरोनविर की तरह यह भी एक प्रकार की एंटीवायरल दवा है। 200 एमजी के टैबलेट के रूप में उपलब्ध इस दवा के एक पत्ते की कीमत  3,500 रुपये है, जिसमें 34 टैबलेट होते हैं। यानी एक टैबलेट की कीमत 103 रुपये होती है। हल्के लक्षण वाले मरीजों को पहले दिन इसकी 1800 एमजी की दो खुराक लेनी होगी और उसके बाद 800 एमजी की दो खुराक 14 दिन तक लेनी होगी। हालांकि दवा का प्रयोग डॉक्टर की निगरानी में ही किए जाने की अनुमति है। 
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Amar Ujala
  • अमेरिका, ब्राजील और भारत की तरह रूस भी कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित है। ऐसे में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच रूस की फार्मा कंपनी ने 'कोरोनाविर' दवा के रूप में बड़ी उम्मीद दिखाई है। 

डिस्क्लेमर: कोरोना वायरस, कोविड-19 के संक्रमण को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन और दवा आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। दुनिया भर में अलग-अलग देशों में कोविड-19 के संक्रमण से ग्रसित मरीजों का इलाज उनकी अवस्था, आयु व संक्रमण के लक्षणों के आधार पर किया जा रहा है। किसी भी तरह की दवा के प्रयोग से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा लेना जोखिम भरा हो सकता है। 
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