हीमोग्लोबिन की जांच
डाॅ.पारुल प्रकाश के मुताबिक, महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक होना चाहिए। हीमोग्लोबिन लाल रंग कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है जो शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाता है। कम हीमोग्लोबिन एनीमिया का संकेत हो सकता है। इसके कारण एनीमिया की कमी, विटामिन बी 12 या फोलिक एसिड की कमी हो सकती है। हीमोग्लोबिन की जांच किसी भी उम्र में कराई जा सकती है, खासकर कमजोरी, सांस फूलने, पीरियड में ज्यादा खून बहने पर जरूर जांच कराएं। साल में एक बार या डॉक्टर के कहने पर सीबीसी जांच करानी चाहिए।
कैल्शियम एंड विटामिन डी
महिलाओं को थकान या कमजोरी के लक्षण नजर आने पर विटामिन डी जरूर टेस्ट करा लेना चाहिए। इसकी जांच डॉक्टर की सलाह से किसी भी उम्र की महिला करा सकती हैं। हड्डियों या नर्व की समस्या और विटामिन की कमी का पता लगाने के लिए विटामिन डी की जांच कराई जाती है। साथ ही महिलाओं के लिए जरूरी है कि वह 40-45 साल की उम्र के बाद, खासकर मेनोपॉज के आसपास कैल्शियम स्तर की जांच भी कराएं। कैल्शियम टेस्ट साल में एक बार या डॉक्टर की सलाह पर करा सकते हैं। इससे हड्डियों की मजबूती, ऑस्टियोपोरोसिस, थायराइड डिसऑर्डर का पता चलता है।
उम्र बढ़ने के साथ अधिकतर महिलाओं को थायराइड, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और नेत्र संबंधी समस्याएं जैसे मोतियाबिंद व आंखों की कमजोरी जैसी बीमारी हो सकती है। इन बीमारियों का समय रहते पता लगाने के लिए समय रहते जांच कराई जा सकती है।
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