लीजियोनेयर्स डिजीज से फेफड़े को खतरा
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निमोनिया का खतरा बढ़ाने वाला संक्रमण
खबरों के मुताबिक जुलाई के अंत में सेंट्रल हार्लेम में इस प्रकोप की पहचान तब हुई जब कुछ लोगों में निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई दिए। उनकी जांच में यह बीमारी पॉजिटिव पाई गई। न्यूयॉर्क शहर के स्वास्थ्य विभाग के एक ट्रैकर के अनुसार, फेफड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला ये संक्रमण जानलेवा हो सकता है। इसे लेकर सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की सलाह दी गई है।
यह लीजियोनेयर्स डिजीज के प्रकोप का पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2015 में ब्रोंक्स शहर में भी इसके मामले रिपोर्ट किए गए थे। उस दौरान 130 से ज्यादा लोग बीमार हुए और 16 लोगों की मौत हो गई थी। चूंकि 2015 के प्रकोप के लिए भी शहर के कूलिंग टावरों को एक बड़ा कारण माना गया था, इसलिए टावरों के परीक्षण के लिए नए नियम भी बनाने पड़े थे।
लीजियोनेयर्स डिजीज से गंभीर निमोनिया का जोखिम
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लीजियोनेयर्स डिजीज और इसका जोखिम
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक लीजियोनेयर्स डिजीज गंभीर निमोनिया का कारण बनती है, जिससे फेफड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ सकती है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में लंग्स फेलियर और मौत भी हो सकती है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, ये बैक्टीरिया हमारे आसपास मौजूद रहता है। स्वस्थ लोग अक्सर इससे बीमार नहीं होते हैं, लेकिन पहले से क्रॉनिक या सांस की बीमारी के शिकार, वृद्ध लोग या धूम्रपान करने वालों में इसका जोखिम सबसे ज्यादा देखा जाता रहा है। लगभग हर 10 में से एक संक्रमित की इससे मौत हो जाती है।
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कैसे फैलता है संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लीजियोनेयर्स डिजीज एक गंभीर प्रकार का फेफड़ों का संक्रमण (निमोनिया) है जो लीजियोनेला नामक जीवाणु के कारण होता है। ये जीवाणु पानी या मिट्टी में होते हैं और सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
लीजियोनेला बैक्टीरिया से पोंटिएक फीवर की भी जोखिम रहता है जो फ्लू जैसा एक हल्का रोग है। पोंटिएक बुखार आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन लीजियोनेयर्स रोग का इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं, एंटीबायोटिक दवाओं से तुरंत इलाज करने से इस बीमारी को ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों को इलाज के बाद भी समस्याएं बनी रह सकती हैं।
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फेफड़े को स्वस्थ रखने के करें उपाय
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कैसे करें इससे बचाव?
ये बीमारी मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करती है लेकिन इससे हृदय सहित शरीर के अन्य भागों में भी संक्रमण हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, कूलिंग टावर, गर्म पानी के टैंक और हीटर, फव्वारे, स्विमिंग पूल में अगर ये बैक्टीरिया है तो इससे संक्रमण का प्रसार हो सकता है। अस्पतालों और नर्सिंग होम ऐसी जगहें हैं जहां से रोगाणु आसानी से फैलते हैं और वहां के लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।
साफ-सफाई का ध्यान देकर इस खतरे से बचाव किया जा सकता है।
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स्रोत
New York City Death Toll From Legionnaires Outbreak Rises to Six
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