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क्या हंसने से भी 'लकवा' हो सकता है? चौंकाने वाली है ये रिपोर्ट

Tue, 07 Jul 2020 12:55 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अक्सर हम ये सुनते आए हैं कि हंसने से तनाव, अवसाद ही नहीं बल्कि कई बीमारियों को भी ठीक करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञ भी बताते हैं कि हंसने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनती है, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में फायदा पहुंचाता है। लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि हंसने से किसी तरह की कोई शारीरिक समस्या भी हो सकती है? क्या हंसने से 'लकवा' हो सकता है? यह सवाल निश्चित तौर पर आपको हैरान कर रहा होगा, लेकिन इसका जवाब आपको और भी ज्यादा हैरान कर देगा। आइए जानते हैं हंसना आपको कैसे बीमार कर सकता है... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्रिटेन की रहने वाली एक 15 वर्षीय छात्रा जॉर्डन कूमर जिस विचित्र बीमारी से पीड़ित हैं, वह हंसने से ही होती है। जॉर्डन जब हंसती हैं तो वह मसल्स पैरालाइसिस (लकवा) का शिकार हो जाती हैं। हालांकि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे सिर्फ जॉर्डन कूमर ही पीड़ित हैं। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में हर दो हजार में से एक व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हंसने से होने वाली इस विचित्र बीमारी को मेडिकल भाषा में कैटाप्लेक्सी कहते हैं। यह एक प्रकार का दिमागी विकार है, जिसमें हंसने पर या फिर ज्यादा गुस्सा करने पर इंसान की मांसपेशियां कस जाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस समस्या में इंसान की मांसपेशियां हंसते-हंसते सुन्न पड़ जाती हैं और वो गिर पड़ता है। हालांकि इस दौरान उसका दिमाग काम करता रहता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
विशेषज्ञ बताते हैं कि कैटाप्लेक्सी का शिकार होने पर इंसान की जुबान लड़खड़ाने लगती है, उसका जबड़ा ढीला पड़ने लगता है और साथ ही साथ उसे धुंधला भी दिखाई देने लगता है। जब यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है तो लकवे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। अब ऐसा क्यों होता है, इसकी सटीक वजह आज तक पता नहीं चल सकी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विशेषज्ञों की मानें तो इस बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन इससे पीड़ित मरीज मेडिटेशन से खुद को नियंत्रित करने का प्रयास जरूर करते हैं। जॉर्डन कूमर भी ऐसा ही करती हैं, ताकि उनकी समस्या गंभीर रूप न ले ले। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विशेषज्ञ कहते हैं कि कैटाप्लेक्सी विकार नार्कोलेप्सी की श्रेणी में आता है। दरअसल, नार्कोलेप्सी एक ऐसा विकार है, जिससे पीड़ित व्यक्ति दिन में कई बार और कहीं भी सो जाता है। वह खुद को नियंत्रित नहीं कर पाता। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के मुताबिक, नार्कोलेप्सी किसी वायरल संक्रमण के कारण हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में किसी तरह का संक्रमण, हार्मोनल बदलाव और मानसिक तनाव शामिल हैं।  
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