इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने किया अलर्ट
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा है कि संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर जैसे मास्क पहनना, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
आईएमए केरल के अध्यक्ष डॉ के ए श्रीविलासन और राज्य सचिव डॉ के शशिधरन ने बुधवार को एक बयान में कहा, राज्य में टीकाकरण कवरेज अच्छा है और अस्पताल में भर्ती होने वाले मामले न्यूनतम हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुजुर्गों और क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
गौरतलब है कि केरल 1487 एक्टिव केस के साथ सबसे प्रभावित राज्य बना हुआ है।
राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले
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दिल्ली-एनसीआर में कोरोना का प्रसार
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी कोरोना का प्रसार अधिक देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटे में यहां कोरोना से दो मौतें हुई हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।
पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना के 105 नए मामले सामने आए हैं, इसके साथ सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 562 हो गई है।
कोविड टेस्ट और संक्रमण के मामले
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना से क्या स्थिति है, इस बारे में समझने के लिए हमने द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर अभिजात सिंह से बातचीत की। डॉ बताते हैं, ओपीडी में कोरोना से मिलते-जुलते लक्षणों के साथ रोज मरीज सामने आ रहे हैं, पर ज्यादातर लोगों में फ्लू की शिकायत देखी जा रही है। फिलहाल अस्पताल में कोरोना का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है, पर हम पूरी तरह से तैयार हैं।
कई स्थानों पर संक्रमण बढ़ने की रफ्तार अधिक देखी गई है, हालांकि इसको लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वैक्सीनेशन के कारण वायरस ज्यादातर लोगों में गंभीर रोग पैदा नहीं कर रहा है। अक्सर लोग आसानी से घर पर ही ठीक हो रहे हैं। उच्च जोखिम वाले मरीजों को अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। एहतियातन सभी लोगों को कुछ दिनों तक मास्क पहनने की आदत बना लेनी चाहिए।
(सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, देश में युवाओं की भी हो रही है कोरोना से मौत; डॉक्टर से जानिए इसकी वजह)
कोरोना के वैरिएंट्स और इसका खतरा
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'कोरोना से पहले जैसा डरने की जरूर नहीं'
डॉक्टर अभिजात कहते हैं, कोविड-19 की मौजूदा लहर को लेकर लोगों में डर देखा जा रहा है पर ये 2021-22 में डेल्टा वाली लहर के दौरान जिस तरह की दिक्कतें हुई थीं, उससे बहुत अलग है। उस समय, वायरस हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए नया था, और ज्यादातर आबादी पहले इसके संपर्क में नहीं आई थी। इससे व्यापक गंभीर बीमारी और एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया था।
आज, स्थिति काफी बदल गई है। व्यापक टीकाकरण और प्राकृतिक संक्रमण ने अधिकांश आबादी में हर्ड इम्युनिटी बना दी है।
अधिकांश लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है या वह कोविड से संक्रमित रह चुके हैं। ये वायरस के अगले संक्रमण में आपको सुरक्षित रखने में मदद कर रहा है। उम्मीद है कि ये लहर जिस तरह से बढ़ रही है उसी तरह से बहुत जल्दी ही खत्म भी हो जाएगी।
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स्रोत
COVID SPREAD - NO NEED TO PANIC, PRECAUTIONS ARE IMPORTANT: IMA
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