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Good News: स्किन कैंसर के इलाज के लिए भारतीय शोधकर्ताओं ने बनाया खास बैंडेज, दावा- ट्यूमर को करेगा खत्म

Fri, 09 Oct 2020 04:02 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्किन कैंसर - फोटो : Pixabay
कैंसर यानी शरीर के किसी अंग में कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ना। यह खतरनाक होता है और कई बार जानलेवा भी। मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर.... इस घातक बीमारी के कई प्रकार हैं। उन्हीं में से एक है स्किन कैंसर। त्वचा की कोशिकाएं जब असामान्य रूप से विकसित होने लगे तो स्किन कैंसर होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर के जिस हिस्से पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, उस हिस्से पर स्किन कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है। कैंसर का उपचार जटिल होता है। हालांकि इसके इलाज के विकल्पों को लेकर दुनिया के विभिन्न देशों में शोध हो रहे हैं। भारतीय शोधकर्ताओं को भी इस दिशा में एक कामयाबी मिली है। दरअसल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलूरू के शोधकर्ताओं ने स्किन कैंसर के उपचार के लिए ट्यूमर को खत्म करने वाला एक खास बैंडेज तैयार किया है। 
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सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणों के ज्यादा देर तक संपर्क में रहना भी बड़ा कारण - फोटो : Pixabay
त्वचा का कैंसर मुख्य रूप से सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणों के ज्यादा देर तक संपर्क में रहने के कारण होता है। स्किन कैंसर के लक्षणों की बात करें तो इस समस्या में गर्दन, माथे, गाल और आंखों के आसपास जलन होने लगती है। इसके अलावा स्किन पर कई हफ्तों तक धब्बे पड़े रहते हैं। साथ ही त्वचा में बदलाव भी होने लगता है और धूप में रहने पर खुजली की भी समस्या होती है। स्किन कैंसर की स्थिति में ट्यूमर कोशिकाएं परेशानी बढ़ाती हैं। आईआईएससी, बेंगलूरू के शोधकर्ताओं ने इन्हीं कोशिकाओं को खत्म करने वाला बैंडेज बनाने का दावा किया है।
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स्किन कैंसर (फाइल फोटो) - फोटो : Pixabay
आईआईएससी, बेंगलूरू के शोधकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने स्किन यानी त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए चुंबकीय नैनोफाइबर वाला जो बैंडेज तैयार किया है, वह ट्यूमर कोशिकाओं को खत्म करता है। स्किन कैंसर के उपचार के लिए वर्तमान समय में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी के जरिए की जाती है। इसके अलावा नैचुरोपैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा में भी कुछ उपचार पद्धतियां हैं। हालांकि इन तमाम उपचार पद्धतियों की अपनी सीमाएं हैं। 

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Research - फोटो : Pixabay
इलेक्ट्रोस्पिनिंग के जरिए विकसित किया बैंडेज 
आईआईएससी में सेंटर फॉर बायोसिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (बीएसएसई) और आणविक प्रजनन, विकास और आनुवांशिकी (एमआरडीजी) विभाग के शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रोस्पिनिंग विधि का उपयोग करके यह विशेष बैंडेज यानी पट्टी तैयार की है। इसमें चुंबकीय नैनो फाइबर का इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे प्रभावित कैंसर कोशिका को गर्मी देकर उसे समाप्त करने में मदद कर सकती है। 
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स्किन कैंसर (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram
इस शोध अध्ययन ने स्किन कैंसर के उपचार में एक उम्मीद दिखाई है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस खास बैंडेज से स्किन कैंसर का इलाज और भी आसान हो जाएगा। बीएसएसई में शोधकर्ता रह चुकीं और इस शोध अध्ययन में सह लेखिका शिल्पी जैन ने कहा है कि अभी इस उपचार पर और भी परीक्षण किए जाने और इस बैंडेज को अन्य कसौटियों पर भी परखे जाने की जरूरत है। 
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